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शुक्रवार से हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सबके घर में खुशिया आयी

चंद्र ग्रहण रात्रि 12.54 से 4.15 बजे तकड्ढr येन बद्धौ बली राजा दानवेंद्रो महाबल :।ड्ढr तेन स्वामभिवध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥ड्ढr शनिवार को प्रात: रक्षा बंधन और संस्कृत दिवस, ओणम, सावन पूर्णिमा, सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रात्रि में खड़ग्रास चंद्र ग्रहण है। भद्रा पाताल वासी होकर रावि 1.38 से दिन 1.57 तक है। इसलिए इस रात्रिकालीन प्रवेश भद्रा का मान दिन में शून्य सा होता है। इसलिए द्रोपदी कष्ण, रानी कर्मवती- हुमांयू की परंपरा को भाई-बहन शनिवार प्रात:ोगे बढ़ाते हुए रक्षा बंधन का पर्व मना सकते हैं। शनिवार दोपहर 2:07 तक पूर्णिमा है। इस दिन से पंचक (भदवा) प्रारंभ हो रहा है। शनिवार की पूर्णिमा 16 अगस्त-17 क रात्रि में धनिष्ठा नक्षत्र के मकर एवं कुंभ राशि में रांची में रात्रि उ12.45 में चंद्रग्रहण प्रारंभ होगा। ग्रहण की समाप्ति प्रात: 4.15 बजे होगा। वृष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, धनु, मकर, कुंभ राशि के लोगों के लिए ग्रहण परशानी कारक हो सकता है। चंद्र ग्रहण के कारण सुतक शनिवार संध्या 5.00 बजे से ही लगेगा। इस कारण सुतक समय में देव मंदिरों के पट बंद रहेंगे। सुतक समय में नींदे भोजन का त्याग करना चाहिए, वृद्ध, रोगी, बच्चों को नींद, भोजन, दवा ग्रहण में छूट है। सुतक ग्रण काल में इष्ट या गुरु मंत्रादि जप घी का दीपक जलाकर करने से मनोवांछित सिद्धि की प्राप्ति होती है। ग्रहण काल में अन्न, वस्त्र, द्रव्य दान एवं गंगा- गोदावरी तीर्थो में स्नान करने से कभी न नष्ट होने वाला पुण्य भी प्राप्ति होती है। ग्रहण के बाद स्नान कर कुछ गरीबों को दान करं देवताओं की पूजा करं।ड्ढr शुक्रवार को भारतीय स्वतंत्रता दिवस है। शनिवार को भाई-बहन कोस्नेह पर्व रक्षा बंधन .. येन बद्धौ.. मंत्र से बहन अपने भाई की कलाई में रक्षा बंधन करगी। भाइयों की आरती उतारगी, वहीं रविवार को फसली भाद्र आरंभ हो रहा है। इस दिन मुसलमान पर्व शवेबारात भी है। इस तरह इन तीन दिनों में हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सबके घर में खुशियां आयी।ड्ढr पं. रामदेव पांडेयं

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