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कांटी-बरौनी बिजलीघरों को एनटीपीसी से वापस लें

विद्युत इंजीनियरों ने लंबे समय से बंद पड़े कांटी और बरौनी बिजली घरों को केन्द्रीय प्रक्षेत्र की एनटीपीसी से वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से इनके जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण की जिम्मेवारी एनटीपीसी और भेल को सौंपी गई थी वह पूरी नहीं हो पाई। विद्युत कर्मचारी-पदाधिकारी-अभियंता समन्वय समिति के संयोजक बी.एल. यादव ने इसके लिए बिहार के नौकरशाहों को भी जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऊर्जा विभाग के आला अधिकारी अपने चैम्बर में बैठकर बिजलीघरों के जीर्णोद्धार की मॉनीटिरंग करते रहे। उन्होंने कभी स्थल पर जाकर यह देखने की जहमत नहीं उठाई कि केन्द्रीय एजेंसी ढंग से काम कर रही हैं या नहीं।ड्ढr ड्ढr उनका कार्य राज्यहित में हैं या नहीं। श्री यादव ने आरोप लगाया कि कांटी और बरौनी बिजलीघर के जीर्णोद्धार के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपयों को डुबो दिया गया है। यही नहीं एसी रूम में बैठकर नौकरशाह राज्य में ऊर्जा प्रक्षेत्र के सुधार का मुआयना कर रहे हैं। वस्तुत: ऐसे अधिकारी बिहार के ऊर्जा प्रक्षेत्र के ‘विकास’ की जगह ‘विनाश’ को आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता जानना चाहती है कि आखिर तीन साल बीत जाने के बाद भी कांटी और बरौनी बिजलीघरों से उत्पादन क्यों नहीं शुरू हो पाया है। ऐसे ही नौकरशाह अब बिजली बोर्ड को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं।

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  • Web Title: कांटी-बरौनी बिजलीघरों को एनटीपीसी से वापस लें