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चिातेंदर और विजेंदरच भी क्वार्टरफाइनल में

एक सोने के तमगे के बाद बीजिंग में बहुत सी निराशा हाथ आई है पर मुक्केबाजी में लगातार दूसरे दिन खुशी की खबर है। शुक्रवार को अखिल ने क्वार्टरफाइनल में जगह पाई थी शनिवार को जिंतेंदर कुमार ने 51 किलो फ्लाई वेट में और विजेंदर ने 75 किलो में पूर्व क्वार्टरफाइनल मैच जीत लिए। जितेंदर ने उाबेकिस्तान के तुलाशबोय दोनीयोरोव को 13-6 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया। जबकि विजेंदर कुमार ने 75 किग्रा के मिडलवेट वर्ग में थाईलैंड के अंगखान चोंम्फूफुआंग को 13-3 से ध्वस्त कर दिया। जितेंदर ने शुरू से ही अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ना शुरू कर दिया। अपनी बढ़त को राउंड दर राउंड बढ़ाते हुए जितेंदर ने दबाव बनाए रखा और इत्मिनान से मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। मुकाबला जीतने के बाद जितेंदर ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास था कि मैं दोनीयोरोव को हरा दूंगा। मैंने पहले दो राउंड में ही बढ़त बना ली थी। यह मेर आत्मविश्वास को बढ़ा रहा था। मैं इस जीत से बहुत खुश हूं। दरअसल, मेरी टीम के साथी अखिल कुमार पहले ही दोनीयोरोव से भिड़ चुके थे और उसके बार में बहुत कुछ जानते थे। पिछली रात हम दोनों ने इस बार में बात की। मैं रात भर इसी विचार में लगा रहा और सो नहीं सका। अखिल मुझे लगातार बताते रहे कि तुझे जीतना है। इसलिए मैं इस जीत का श्रेय अखिल को देता हूं। वह मेरे परिवार के सदस्य हैं। वह मेर लिए सब कुछ हैं। दोनीयोरोव भी बहुत अच्छा लड़ रहे थे और कदमों का अच्छा इस्तेमाल कर रहे थे। पर मैं तो बढ़त का मजा ले रहा था। थोड़ी परशानी आई थी जब मेरी चिन में थोड़ा कट आ गया था। मेर कोच ने यह बताया पर मैं इस समस्या से निजात पाने में सफल रहा। विजेंदर और जितेंदर दोनों ही मुक्केबाजों ने अखिल के विश्व चैंपियन के खिलाफ प्रदर्शन से प्रेरणा लेते हुए आज रिंग में वाकई कमाल कर दिखाया। विजेंदर ने थाई बाक्सर की इस कदर धुनाई की कि वह मुकाबले में पानी भरता नजर आया। विजेंदर ने पूरी तरह एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की।विजेंदर ने मुकाबले में आक्रामक शुरूआत की और थाई बाक्सर को अपने शक्ितशाली पंचों से लगातार काबू में रखा। विजेंदर ने पहला राउंड 2.0 दूसरा राउंड 4.1 तीसरा राउंड 4.0 और चौथा राउंड 3.2 से जीता।

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