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बंद उर्वरक प्लांटों को शुरू करने के लिए मसौदा शीघ्र

देश को प्रमुख उर्वरक यूरिया के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उर्वरक मंत्रालय ने बंद पड़े आठ प्लांटों को फिर से शुरू करने का काम तेज कर दिया है। इस बार में जल्द ही एक व्यापक मसौदा कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। इस बार में हर प्लांट को फिर से चालू करने की व्यापक रिपोर्ट होगी। इस बंद पड़े प्लांटों को शुरू करने में प्रति प्लांट लगभग 4000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस प्रकार कुल खर्च लगभग 32000 करोड़ रुपये होगा। रसायन एवं उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान के मुताबिक इस बार में कैबिनेट की ओर से मसौदे को जल्द ही हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। हिंदुस्तान के साथ बात करते हुये पासवान ने कहा कि बंद पड़े प्लांटों को फिर से शुरू करने के काम को प्राथमिकता पर लिया जा रहा है। इनके एक बार चालू हो जाने के बाद यूरिया के मामले में देश काफी हद तक आत्मनिर्भर हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इन प्लांटों को अपेक्षित प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराने का प्राथमिकता मिलेगी। इस बात का फैसला हो गया है। उन्होंने बताया कि देश में उवर्रक की खपत बढ़ने की वजह से चालू वित्त वर्ष के दौरान उर्वरक सब्सिडी बोझ भी बढ़कर लगभग 1.1लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। फिलहाल सब्सिडी की कमी को पूरी करने के लिए वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय से बात हो गई है। उर्वरक कंपनियों की तात्कालिक जरूरत को पूर करने के लिए फिलहाल बैंकों से कंपनियों को लगभग 22000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का विचार है।

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  • Web Title: बंद उर्वरक प्लांटों को शुरू करने का मसौदा शीघ्र