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निशाँ नहीं अब तो यादें ही बस..

इनसानीोरूरतों और लालच ने बुाुर्गों की निशानियाँ तक नीलाम करने में संकोच नहीं रखा। अवैध कबों ने लखनऊ ही नहीं पूर प्रदेश के कब्रिस्तान सिमटा कर आधे कर दिए हैं। कुछ कब्रिस्तानों का तो नामोनिशान मिट चुका है।ड्ढr कब्रिस्तानों के रखरखाव में सक्रिय अांुमन इस्लाहुल मुस्लमीन केोफरयाबोीलानी बताते हैं कि शहर के अलावा प्रदेश के कई कब्रिस्तानों कीोमीनें बेची व कबाईोा रहीं हैंोिससे कब्रिस्तानों का वाूद ही खतर में है। रााधानी के गोमती नगर स्थित गां-ए-शहीदाँ की 58 बीघाोमीन पर भी कुछ हिस्सा अवैध कबे की चपेट में हैं। इसी तरह अलीगां, खदरा स्थित कब्रिस्तानों के काफी हिस्से पर अवैध कबे कायम हैंोिसके लिए सरकार को कई बार लिखाोा चुका है। उन्होंने बताया कि हुसैनगां स्थित विकास दीप की इमारत कब्रिस्तान के ऊपर ही बनी है। 10 में बन रहे विकास दीप को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री वीपी सिंह ने कब्रिस्तान को छोड़ने का आदेश भी दिया था मगर आा कब्रिस्तान का नामोनिशान नहीं। ईदगाह के नायब इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली कब्रिस्तानों पर अवैध कबे पर चिंताोताते हुए कहते हैं कि इनसानी लालच ने मुर्दो को भी नहीं छोड़ा। इससे कब्रिस्तानों कीोगह सिमट कर आधी रह गई है। अब कब्र के लिए मरने वाले के परिानों को मोटी रकम अदा करनी पड़ती है।ड्ढr शिया नेशनल फ्रंट के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास बताते हैं कि प्लाटिंग और इमारतों के अवैध कबों ने शहर के कब्रिस्तानों का नामोनिशान ही मिटा दिया है। इसमें वक्फ मसिद व इमामबाड़ा आगा मीरोिसके कब्रिस्तान परोवहर भवन और इंदिरा भवन बना है। उन्होंने दावा किया कि तमाम वक्फ ऐसे हैंोिनकीोानकारी बोर्ड के पास भी नहीं है। इनकी फेरिस्त बहुत लम्बी हैोिसमें वक्फ तकिया बेगम वक्फ कब्रिस्तान कोदान आलमबाग वक्फ नम्बर-2336, मिस्री की बगिया कब्रिस्तान वक्फ नम्बर-इमामबाड़ा कब्रिस्तान लाडो खानम वक्फ नम्बर-वक्फ डिप्टी मोहम्मद आीम वक्फ नम्बर-हाता इमदाद हुसैन वक्फ कब्रिस्तान नम्बर-1मकबरा कब्रिस्तान नैशापुरी नूरबाड़ी वक्फ नम्बर-2076 कब्रिस्तान सैयद मोहम्मद वली चौपटिया वक्फ नम्बर-1मसिद व कब्रिस्तान वाीरबाग वक्फ नम्बर-1705 कब्रिस्तान सितारा बेगम वक्फ नम्बर-1775, वक्फ शिया कब्रिस्तान गिरधारी लाल माथुर वक्फ नम्बर-2164, कब्रिस्तान कदीम मुंशीगां डालीगां वक्फ नम्बर-2375 कब्रिस्तान कल्लू शाह इरादत नगर वक्फ नम्बर-2103, कर्बला आीम उल्लाह खाँ वक्फ नम्बर-15वक्फ अम्बर बाग कटरा अबुतुराब खाँ वक्फ नम्बर-1601 आदि वक्फ मिट चुके हैं इनमें मौाूद निशाने कब्र कीोगह मकानों व इमारतों ने ले ली है।ोबकि कुछ में अभी प्लाटिंग कीोा रही है।ं

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