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भारत ने किया रीसैट-2 व अनुसैट का सफल प्रक्षेपण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार सुबह एक भू-अवलोकन उपग्रह (रीसैट-2) और शिक्षा उपग्रह ‘अनुसैट’ का सफल प्रक्षेपण किया। इसरो ने सोमवार सुबह 6.15 बजे 300 किलोग्राम के रीसैट-2 को पीएसएलवी के जरिए अंतरिक्ष में भेजा। इसके अलावा शिक्षा उपग्रह अनुसैट (40 किलोग्राम) का भी सफल प्रक्षेपण किया। पहले यह माना जा रहा था कि रीसैट को इजरायल की मदद से तैयार किया गया है। इसकी खूबी यह है कि यह रात और दिन दोनों में तस्वीरें खींच सकता है और हर मौसम में काम करेगा। इसकी मदद से भारत पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के पर्वतीय इलाकों पर नजर रखने में सक्षम रहेगा। लेकिन इसका खंडन करते हुए इसरो अध्यक्ष माधवन नायर ने कहा कि भारत के कार्यक्रम में कोई जासूसी उपग्रह छोड़ने का कार्यक्रम नहीं है। नायर ने उपग्रह प्रक्षेपण के बाद शार केंद्र पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमारे कार्यसूची में कोई जासूसी उपग्रह जैसी कोई चीज नहीं है। हमारे पास केवल भू-अवलोकन उपग्रह, संचार उपग्रह और वैज्ञानिक उपग्रह शामिल हैं। नायर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रीसैट-2 एक अन्य भू अवलोकन उपग्रह है। इसरो में जासूसी उपग्रह जैसी कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि यह उपग्रह इजरायल से खरीदा गया था। दूसरा रीसैट उपग्रह इस वर्ष प्रक्षेपित किया जाएगा, जिसे इसरो ही बनाएगा एवं संचालित करेगा। इसरो के अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने कहा, ‘‘यह देश के लिए नए साल का बेहतरीन तोहफा है। हम बहुत खुश हैं। दोनो ही उपग्रह कक्षा में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिए गए।’’ उधर, अनुसैट को अन्ना विश्वविद्यालय की ओर से तैयार किया गया है। यह वहां संदेशों को जमाकर भेजने का काम करेगा। माधवन ने कहा कि वर्ष 200इसरो के लिए बहुत विशेष होने जा रहा है। इस साल कई उपलबधियां दर्ज होंगी।

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  • Web Title: रीसैट-2 व अनुसैट का सफल प्रक्षेपण