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अहमदाबाद धमाके सिमी ने कराये

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट्स का मास्टरमाइंड मुफ्ती अबू बशर आखिर शनिवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही गुजरात पुलिस ने 26 जुलाई को अहमदाबाद बम धमाकों और फिर सूरत में रखे गये 30 बमों की गुत्थी सुलझा लेने का दावा किया है।ड्ढr बशर को यूपी के आजमगढ़ में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने नौ अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। अबू बशर सिमी सुप्रीमो सफदर नागोरी का खासमखास है और इंडियन मुजाहिद्दीन का मुखिया है। वह 26 जुलाई से पहले अहमदाबाद में ही था। पुलिस यह मान रही है कि दहशतगर्दी की योजना को इंडियन मुजाहिद्दीन के नये नाम से सिमी के लोगों ने ही अंजाम दिया। यह संगठन सिमी में उदारवादी और कट्टरपंथी विभाजन का नतीजा है। कट्टरपंथी सफदर नागोरी की अगुआई में एकाुट हुए और उन्होंने नया संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन बनाया। नागोरी की उज्जन में मार्च में गिरफ्तारी के बाद बशर को इसका कमान सौंपी गयी। गुजरात के पुलिस महानिदेशक पी सी पांडे का कहना है कि गिरफ्तार लोग सिमी के सदस्य हैं और विस्फोट में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। उन्होंने खुलासा किया कि अंग्राी के सिमी के शुरू के ‘एस’ और अंत के ‘आई’ को हटाकर कर सिमी की जगह इन लोगों ने आइएम यानी इंडियन मुजाहिद्दीन नाम से संगठन बना लिया। पांडे ने दावा किया कि बशर और अन्य की गिरफ्तारी से जयपुर, बेंगलुरु और अन्य राज्यों में हुए विस्फोटों की भी गुत्थी सुलझ सकेगी।ड्ढr उन्होंने बताया कि धमाकों को अंजाम देने के लिए पांच मोबाइल नंबर इस्तेमाल किये गये और ये सभी इनकमिंग थे। इन पांचों नंबरों को ट्रेस कर सुराग तक पहुंचा गया। सिमी के इन लोगों ने दहशतगर्दी की योजना पर 2006 से ही काम करना शुरूकिया। सबसे पहले सफदर नागोरी ने केरल के वाघामोहन के जंगलों में गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, यूपी और झारखंड के लड़कों को एकत्रित कर प्रशिक्षण दिया और यहीं इन लड़कों को आतंकी बनाया गया। इन्हें कोड नाम भी दिये गये। मार्च 2008 में जब नागोरी की उज्जन में गिरफ्तारी हुई तो सिमी में बेचैनी फैल गयी। बशर ने अप्रैल में अहमदाबाद आकर लोगों से मीटिंग लेनी शुरू की और आगे की योजना को अंतिम रूप दिया।

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