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पंजाब : जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में सुधार

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पिछले कई दिनों तक हुई मूसलाधार वर्षा से सतलुज, रावी और व्यास नदियों के उफान पर होने के कारण पंजाब में बाढ़ की चपेट में आए करीब पचास गांवों की स्थिति में फिलहाल सुधार हुआ है। रावी, व्यास, सतलुज समेत बरसाती नदियों के उफान पर होने के कारण पिछले 48 घंटों के दौरान हालात गंभीर हो गए तथा सतलुज नदी पर बने धुस्सी बांध टूट जाने से जालंधर, मोगा, फिरोजपुर और कपूरथला जिले के करीब पचास गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। लेकिन नदी का जल स्तर घटने से स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। बांध टूटने से हालात बेकाबू होते देख इन चारों जिलों में सेना को बुलाकर कई गांवों को खाली कराना पड़ा। रंजीत सागर तथा भाखड़ा बांध में जल स्तर बढ़ने से छोड़े गए पानी ने भी कई जगह तबाही मचाई। कई गांवों में खड़ी धान तथा खरीफ की फसल पानी में बह गई तथा कई इलाकों में संपर्क सड़कें टूट गईं। धूसी बांध टूटने से शाहकोट तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी 10 से 15 फुट तक भर गया। सतलुज नदी के बाईं आेर फिरोजपुर और मोगा जिलों में बांध में दो जगहों पर दरारें पड़ने से एहतियाती तौर पर जालंधर, फिरोजपुर खंड पर रेल यातायात को स्थगित करना पड़ा। सतलुज नदी से चारो जिलों में आई बाढ़ के कारण मोगा, कपूरथला और फिरोजपुर जिले में बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। कपूरथला , फिरोजपुर रेलवे ट्रैक पानी में बह जाने के कारण इस पर ट्रेनों की आवाजाही बेमियादी काल के लिए रद्द करनी पड़ी। पानी निकाले जाने के बाद ही इस सेक्शन पर ट्रैक की मरम्मत का काम शुरू हो सकेगा।

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  • Web Title: पंजाब में बाढ़ की स्थिति में सुधार