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टीम इंडिया का दारोमदार ओपनरों पर

नए जोश और नए खून से भरपूर भारतीय क्रिकेट टीम टेस्ट सीरीज में मिली शर्मनाक हार का बदला चुकाने के इरादे से उतरेगी। भारत और श्रीलंका के बीच पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रंखला का पहला मुकाबला सोमवार को यहां खेला जाएगा। सफलता के लिए भारत को अपने फॉर्म में चल रहे ओपनरों पर भरोसा है। अगर दोनों ओपनर चल गये तो भारत की जीत लगभग तय है। टेस्ट सीरीज में नहीं खेले वनडे टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को पूरा भरोसा है कि अपने युवा ब्रिगेड के दम पर वह श्रीलंका को उसी की जमीन पर हराकर टेस्ट सीरीज में मिली हार का बदला चुकाने में सफल होंगे। टेस्ट सीरीज में भी भारत की ओर से ओपनर वीरंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ही मेजबान आक्रमण का सामना कर पाने में सफल रहे थे। धोनी को अपने युवा खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि सुरेश रैना, विराट कोहली, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ, इरफान पठान और प्रवीण कुमार जैसे खिलाड़ियों के आने से टीम में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और इनके दम पर टीम सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गजों की गैरमौजूदगी में भी श्रीलंका को चारो खाने चित कर देगी। अभ्यास मैच में युवराज सिंह की धमाकेदार पारी से निसंदेह टीम इंडिया का मनोबल बढ़ा होगा। युवराज, वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर और धोनी अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप खेलने में सफल रहे तो भारत की जीत पक्की है। लेकिन मैच सिर्फ बल्लेबाजों के ही अच्छे प्रदर्शन पर नहीं जीता जा सकता है। गेंदबाजों को भी अपनी भूमिका बखूबी निभानी होगी। हरभजन सिंह और जहीर खान जैसे अनुभवी गेंदबाजों की टीम में वापसी से भारत को फायदा मिलेगा। भारत को रोहित शर्मा और सुरेश रैना से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। भारत पहले मैच में छह बल्लेबाजों, चार गेंदबाजों और एक आलराउंडर को उतार सकता है। जहीर और हरभजन का खेलना निश्चित है। प्रज्ञान ओझा को भी अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। चौथे गेंदबाज के लिए मुनाफ पटेल, आरपी सिंह और प्रवीण कुमार के बीच मुकाबला है। श्रीलंका को अपने घरेलू विकेट पर खेलने का फायदा मिल सकता है। मेजबान टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्पिन गेंदबाजी है। हाल में संपन्न तीन मैचों की सीरीज में 26 विकेट लेकर ‘मैन आफ द सीरीज’ रहे अजंता मेंडिस भारतीय बल्लेबाजों के समक्ष कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। इस गेंदबाज ने कराची में एशिया कप में फाइनल में जो कहर ढाया था उसे भारतीय बल्लेबाज अभी तक नहीं भुला पाए हैं। मुथैया मुरलीधरन और चामिंडा वास भी भारतीय बल्लेबाजों के लिए खासी परेशानी पैदा कर सकते हैं। हालांकि धोनी भलीभांति जानते हैं कि अगर उन्हें वनडे सीरीज में जीत हासिल करनी है तो जितनी जल्दी हो सके श्रीलंका के अबूझ स्पिनर अजंता मेंडिस की काट ढूंढ़नी होगी। बल्लेबाजी में भी श्रीलंकाई टीम काफी सशक्त नजर आती है। माहेला जयवर्धने, कुमार संगकारा और सनत जयसूर्या की अगुआई में मेजबान टीम किसी भी गेंदबाजी के छक्के छुड़ा सकती है। टीमें- भारत- महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान), एस. बद्रीनाथ, गौतम गंभीर, हरभजन सिंह, जहीर खान, विराट कोहली, प्रवीण कुमार, प्रज्ञान ओझा, मुनाफ पटेल, पार्थिव पटेल, इरफान पठान, सुरेश रैना, वीरेन्द्र सहवाग, रोहित शर्मा, आर पी. सिंह और युवराज सिंह में से। श्रीलंका - माहेला जयवर्धने (कप्तान), तिलकरत्ने दिलशान, दिलहारा फर्नांडो, जयसूर्या, सी. कपूगेदेरा, कुलशेखरा, अजंता मेंडिस, जेहान मुबारक, मुरलीधरन, संगकारा, चामरा सिल्वा, माहेला उदावते, वास और वर्णपुरा में से।

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