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तालिबान का रुख खतरे की घंटी : हॉलब्रुक

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए ओबामा प्रशासन द्वारा नियुक्त विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा है कि पाकिस्तान में खतरनाक स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि तालिबान द्वारा हथियार डालने से मना करना खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि जो कुछ स्वात में हो रहा है वह खतरे की घंटी है। उन्होंने इस बात की ओर भी गंभीरता जताई कि आतंकवादी अब सिर्फ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 100 मील की दूरी पर हैं। हॉलब्रुक ने कहा कि तालिबान की हिंसक प्रवृति चिंता की विषय है और अमेरिका इस पर नजर बनाए हुए है। हॉलब्रुक ने कहा कि उन्होंने स्वात में जो कुछ भी हुआ है उसपर अमेरिकी चिंता से पाक नेताओं को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने इस बात की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया कि दो दिन पहले तालिबान प्रवक्ता ने पाक सरकार से हुई डील के एक हिस्से का खुलासा किया था, जिसमें उनके हथियार डालने की भी बात थी। लेकिन अब तालिबान हथियार डालने से मना कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में लाहौर, इस्लामाबाद और कराची में और आतंकी हमले होंगे। इसलिए अमेरिकी प्रशासन इसको लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में पाक को अधिक अंतरराष्ट्रीय सहायता की जरूरत है। जिसमें सबसे जरूरी पाक में अस्थायित्व के सामाजिक-आर्थिक कारणों की जड़ में जाना होगा। जब उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा ही आतंक का गढ़ है तो उन्होंने कहा कि यह इलाका शुरू से विद्रोही प्रवृति का रहा है, लेकिन यह पहली बार हुआ है कि यह अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से जुड़ गया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह पहली बार है कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के 60 साल बाद ये दोनों देश और अमेरिका एक ही समस्या से जूझ रहा है।

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  • Web Title: तालिबान का रुख खतरे की घंटी : हॉलब्रुक