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फ्लोर पर ही फैसला होगा : गिरिनाथ सिंहड्ढr रांची। राजद विधायक गिरिनाथ सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि कोड़ा सरकार को बरखास्त करने की विपक्ष की मांग में दम नहीं है। सीएम ने राज्यपाल से मिलकर सदन में बहुमत साबित करने की बात कही है। क्या कोड़ा को इस्तीफा देना चाहिए? विधायक ने कहा कि यह मामला सीएम के विवेक का है। अगर कोड़ा को बहुमत साबित करने का भरोसा है, तो फ्लोर पर ही फैसला होगा। अच्छा होगा कि कोड़ा मौके पर नेतृत्व से बात कर लें। निर्दलीयों की एकाुटता अगर कायम है, तो इस्तीफा देने का कोई मतलब नहीं। राजद क्या चाहता है, पूछने पर कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जो कहेंगे- चाहेंगे वही होगा।ड्ढr गुरुाी देखें, कैसे जुटायेंगे बहुमत : बलमुचूड्ढr रांची। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू ने कहा है कि यह गुरुाी पर निर्भर करता है कि वे बहुमत का जुगाड़ कैसे करते हैं और निर्दलीयों को अपने समर्थन के लिए कैसे राजी करते हैं। निर्दलीयों ने शिबू सोरन को समर्थन नहीं दिया तो? इस सवाल पर बलमुचू ने कहा कि विकल्प तो राष्ट्रपति शासन है। लेकिन कांगेस ने अभी इस दिशा में सोचा नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात के मद्देनजर कांग्रेस शिबू सोरन को समर्थन देगी। बलमुचू सोमवार को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। वे एमडीएलआर के विमान से दिल्ली गये। उन्होंने कहा कि कांगेस के झारखंड प्रभारी अजय माकन साफ कहा है कि कांग्रेस शिबू सोरन को समर्थन देगी। कांग्रेस खुद सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है।ड्ढr फ्लोर पर दिखा देंगे नंबर गेम : चंद्रप्रकाशड्ढr रांची। मधु कोड़ा के समर्थन में निर्दलीय मंत्री एक से बढ़कर एक तीर छोड़ रहे हैं। चंद्रप्रकाश चौधरी का कहना है कि फ्लोर पर नंबर गेम का जलवा दिखा देंगे। कैसे और कहां से? मंत्री ने कहा : यही तो राज है। कोड़ा ने विश्वास में ही बहुमत साबित करने के लिए समय मांगा है। शिबू को समर्थन के सवाल पर कहा कि निर्दलीयों का फैसला आ चुका है। कांग्रेस- राजद नेतृत्व ने भी विशेष निर्देश नहीं दिया है। सरकार के गिर जाने की स्थिति में क्या करंगे पूछे जाने पर कहा : जो होगा देखा जायेगा। चुनाव का सामना करने के लिए भी तैयार हैं।ड्ढr केंद्र की तरह यहां भी एनडीए तोड़ देंगे: भानूड्ढr रांची। मंत्री भानू प्रताप शाही ने कहा है कि केंद्र की तरह ही यहां भी एनडीए को तोड़ देंगे। जब केंद्र में एनडीए टूट कर बिखर सकता है, तो यहां पर क्यों नहीं। यहां तो पहले से ही टूट-फूट है। पांच पहले से अलग हैं। रघुवर दास का अलग खेमा है, और अजरुन मुंडा का गुट अलग है। अभी केंद्र में जो कुछ हुआ, वह सबके सामने है। अगर कोड़ा ने फ्लोर पर बहुमत साबित करने की बात कही है, तो दम है। वे लोग विकास के दम पर विश्वास मत हासिल करेंगे। एनडीए बर्खास्तगी की मांग को छोड़कर घर देखे। एनडीए ने काला दिवस मानने की घोषणा इस डर से की है कि कहीं उनके विधायक टूट न जायें। श्री शाही ने कहा कि कोड़ा का घोड़ा तेजी से दौड़ रहा है। निर्दलीय अपने स्टैंड पर कायम हैं। सभी मजबूती से कोड़ा के साथ हैं। परंपरा के नाम पर समय देना गलत : मरांडीड्ढr रांची। झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि परंपरा के नाम पर अल्पमत सरकार को बहुमत सिद्ध करने के लिए समय देना उचित नहीं है। इससे खरीद-फारोख्त का बाजार गर्म होगा तथा भ्रष्टाचार बढ़ेगा। यदि राज्यपाल बिना बहुमत वाले किसी दल को सरकार बनाने का न्योता देते हैं,त्ोो उनकी पार्टी सड़क पर उतरगी। राज्यपाल के एसे किसी भी निर्णय के खिलाफ गांव-शहर से लेकर राजधानी तक आंदोलन होगा। जरूरत पड़ी तो राज्यपाल का पुतला फूंका जायेगा और शहर एवं प्रखंड मुख्यालयों में नुक्कड़ सभाएं की जायेंगी। राज्यपाल से मुलाकात करने और प्रदेश कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों के साथ आपात बैठक करने के बाद मरांडी पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में जनता ने किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया। गठाोड़ से बनी सरकार का हश्र जनता देख चुकी है। कोड़ा सरकार अल्पमत में आ गयी है, फिर भी वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश जारी है। झाविमो ने राज्यपाल से राष्ट्रपति शासन लागू कर चुनाव कराने की मांग की है। वर्तमान सरकार हो या वैकल्पिक सरकार, बहुमत सिद्ध करने के लिए विशेष सत्र बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। झामुमो के 17 सदस्यों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। स्पष्ट है कि कोड़ा सरकार बहुमत खो चुकी है। बावजूद इसके यदि कोड़ा को बहुमत सिद्ध करने के लिए समय दिया, तो खरीद-फारोख्त का बाजार गर्म होगा।ड्ढr हफ्ता भर से ज्यादा का समय नहीं दें : नामधारीड्ढr रांची। पूर्व स्पीकर इंदर सिंह नामधारी का कहना है कि फ्लोर पर बहुमत साबित करने के लिए कोड़ा सरकार को हफ्ते भर से ज्यादा का समय नहीं दिया जाना चाहिए। ऐसा हुआ, तो राज्यपाल की भूमिका पर सवाल खड़े होंगे। 2005 में शिबू सोरन की सरकार बनने पर बहुमत साबित करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला काफी महत्वपूर्ण था। ज्यादा समय देने से हॉर्सट्रेडिंग की संभावना बढ़ेगी। पूर देश तथा विधि विशेषज्ञों की नजर राजभवन की ओर है। बकौल नामधारी : झामुमो के समर्थन वापसी के बाद अल्पमत में आयी सरकार के पास बहुमत जुटाने का कोई आंकड़ा भी नहीं है। लिहाजा समय रहते कोड़ा को इस्तीफा देना चाहिए। वैसे फ्लोर पर जाने के लिए अड़े हैं, तो देखा जाये कि नंबर गेम के खेल में सरकार क्या कमाल दिखायेगी। लेकिन इतना तय है कि कोड़ा सरकार बहुमत साबित नहीं कर पायेगी। भाजपा ने अपना नजरिया स्पष्ट कर दिया है। और कांग्रेस का कहना है कि शिबू ही सीएम बनेंगे।

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