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25 जनवरी, 2020|5:34|IST

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भाजपा-समिति की राह अलग!

भोले बाबा के नाम पर लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही भाजपा को अमरनाथ संघर्ष समिति ने करारा झटका दिया है। पार्टी ने दावा किया था कि समिति ने पार्टी के पीएम इन वेटिंग लालकृष्ण आडवाणी और अध्यक्ष राजनाथ सिंह को 25 अगस्त को जम्मू में होने वाली रैली के लिए आमंत्रित किया है। सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के बाद कहा था कि दोनों नेताओं ने समिति के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है लेकिन श्राइन बोर्ड को जमीन दिलाने के लिए लड़ रही संघर्ष समिति ने ऐसी किसी रैली से इनकार किया है। समिति के संयोजक लीला करन शर्मा ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि इस तरह की किसी भी रैली को करने का हमार पास कोई प्रस्ताव नहीं है। यह खबर आंदोलन को बदनाम करने के लिए उड़ाई गई है। उन्होंने बताया कि अमरनाथ भूमि वापसी का आंदोलन पूरी तरह से गैर राजनीतिक है। इसमें सभी समुदाय और पार्टियों के लोग शामिल हैं। सूत्रों ने इस बात का भी खुलासा किया कि संघर्ष समिति के पीछे काम कर रहे संघ परिवार के लोग अमरनाथ आंदोलन पर भाजपा को चुनावी सवारी करने देने के पक्ष में नहीं हैं। लीला करन ने इस बात के संकेत दिए हैं कि यदि श्राइन बोर्ड को जमीन वापस दे दी जाती है, तो समिति राज्यपाल एनएन वोहरा को हटाने की अपनी मांग छोड़ सकती है।

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