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बारिश से ठंचडे पड़े गरीबों के चूल्हे

राजधानी में गरीबों के चूल्हे ठंडे पड़ गये हैं। बारिश की वजह से गरीबों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। न रहने को घर बचा है और खाने को अन्न। फुटपाथ पर रात गुजारने वाले गरीब 24 घंटे आसमान की ओर टकटकी लगाये बैठे हैं। घुमड़ते बादल को देखते ही उनके ललाट पर शिकन साफ देखा जा सकता है। क्योंकि खाना और रहना तो दूर उन्हें अब अपना और अपने बच्चों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। इसकी चिंता न तो सरकार को है और न किसी स्वयंसेवी संस्थाओं को। लगातार हो रही बारिश ने राजधानी में तबाही मचा दी है।ड्ढr ड्ढr शहर का कोई भी ऐसा इलाका नहीं बचा है जहां जलजमाव की स्थिति नहीं है। राजधानी की हृदयस्थली स्टेशन के आसपास के इलाके, जमाल रोड, फ्रेार रोड, एक्ाीविशन रोड में सड़क पर बारिश का पानी जमा हो गया। नाला व मैनहोल ओवरफ्लो करने से स्थिति और विकट हो गई है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के घर तो चूल्हा जलने पर भी आफत है। गरीबों के आशियाने पानी में तैर रहे हैं। नाले लबालब हैं। मैनहोल उपला रहे हैं। फुटपाथी दुकानदारों की भी शामत है। उनको बोहनी भी नहीं हो रही है। लोग घर में कैद हैं। बारिश के कारण पानी घटने की बजाए बढ़ गया है। स्थिति गंभीर होती जा रही है। दरुगध देते पानी ने लोगों को घर में रहना दूभर कर दिया है। पूर निगम क्षेत्र की कमोबेश एक ही स्थिति है। न्यू बिग्रहपुर, मीठापुर, पत्रकार नगर ए ब्लॉक, मुन्नाचक आदि इलाकों में बरसात का पानी जमा है श्रीकृष्णानगर के रोड नंबर आठ में लगभग तीन फीट पानी है।ं

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