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..और मुरझा गया कमल

अचंत शरत कमल की बुधवार को ऑस्ट्रिया के चेन वीक्िसंग के हाथों 1-4 की करारी शिकस्त के साथ ही बीजिंग ओलम्पिक खेलों की टेबल टेनिस स्पर्धा के एकल वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। यजह मैच भारत के लिए खासा निराशाजनक रहा। इस मैच में भारतीय चुनौती 32 मिनट में ही दम तोड़ गई और शरत को 5-11, 12-14, 2-11, 11-8 तथा 12-10 से हारकर बाहर होना पड़ा। वर्ष 2006 में ऑस्ट्रेलियन ओपन में चेन से 3-4 से हारने वाले शरत अपनी इस दूसरी मुलाकात में भी ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी के सामने टिक नहीं सके। बल्कि इस बार तो उनका प्रदर्शन और भी खराब रहा। मैच से पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन और अब के समय में काफी अंतर होने की दलील देकर जीत के लिए अपना सब कुछ झोंकने की बात कहने वाले शरत को चेन ने कोई मौका नहीं दिया और शुरुआत से ही उन्हें मुकाबले से बाहर करने की रणनीति पर अमल किया। चेन ने पहले गेम में मात्र तीन मिनट के अंदर शरत को 11-5 से शिकस्त दी। शरत ने दूसरे गेम में अच्छा खेल दिखाते हुए मैच में वापसी की कोशिश की। एक समय दोनों खिलाड़ी 12-12 अंकों के साथ बराबरी पर थे मगर तभी चेन ने अपनी महारत साबित करते हुए अगले दो गेम जीत लिए। तीसरे गेम में चेन पूरी रौ में नजर आए। इसमें उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को सिर्फ दो अंक हासिल करने दिए। उसके बाद शरत ने उम्दा खेल दिखाते हुए अगले दो गेम जीते मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। हार से निराश शरत ने कहा, ‘मैं चेन के खिलाफ आज कुछ नहीं कर पाया। आज मेरे फोरहैंड में पैनापन नहीं था जो कि मेरा मुख्य हथियार है। इसके बिना मेरी ताकत खुद-ब-खुद आधी होकर रह गई।’ उन्होंने कहा कि मैं चेन के खिलाफ अपनी योजना पर अमल करने में नाकाम रहा। पहले और दूसरे गेम में मेरा आत्मविश्वास डगमगा सा गया। उस वक्त मुझे खुद को मजबूत करना चाहिए था।

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