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लैब में मानव रक्त बनाने में सफलता

अब मौत खून की कमी से कोई मौत नहीं होगी। रक्तदान बीते जमाने की बात हो जाएगी। अमेरिका में वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में लाल रक्त कणिकाएं बनाने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि एडवांस्ड सेल टेक्नोलॉजी कंपनी के सहयोग से मेयो क्लीनिक, रोचेस्टर और शिकागो की यूनिवर्सिटी ऑफ लाइनॉस के वैज्ञानिकों ने हासिल की है। अविकसित मानव भ्रूण से विकसित स्टेम सेल (ईएससी) के जरिए बनाई गई इन आरबीसी (लाल रक्त कोशिकाओं) की खासियत यह है कि यह प्राकृतिक आरबीसी की तरह काम करती हैं। दावा यह भी है कि यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। ईएससी से रक्त कोशिकाएँ हालांकि पहले भी बनाई जा चुकी थीं लेकिन वह पूर्णतया हानिरहित नहीं थीं। अभी तक प्रयोगशाला में बनी आरबीसी में ‘ई-न्यूक्िलएशन’ नहीं होता था। ई-न्यूक्िलएशन वह प्रक्रिया है जिसमें कोशिकाएं स्वत: विभाजित होकर अपनी संख्या बढ़ाती रहती हैं। लैब में बनी आरबीसी में ई-न्यूक्िलशन न होने से उनमें स्वत: विभाजन नहीं होता था और वह कैंसरग्रस्त हो सकती हैं। शोधकर्ता व वरिष्ठ वैज्ञानिक रॉबर्ट लैंजा का कहना है, ‘विशेषज्ञ अभी तक यही कहते आए थे कि यह असंभव है और जब हमार सामने लैब में ऐसा हुआ तो हम भी चकित रह गए।’

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  • Web Title: लैब में मानव रक्त बनाने में सफलता