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सरकार-यूनिसेफ की संयुक्त योजना

महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकार दिलाने और मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए भाारत सरकार और यूनिसेफ ने मिलकर एक कार्य योजना बनाई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी और यूनिसेफ की प्रतिनिधि कारीन हुशोफ ने एक समारोह में पांच वर्षीय योजना का शुभारंभ किया। संयुक्त योजना में मुख्य रूप से भारत में शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर कम करने और कुपोषण, ट्रैफिकिंग, एड्स व बाल श्रम व शोषण से मुक्ित पर ध्यान दिया जाएगा। सुरक्षित पेयजल और साफ-सफाई के साथ उन्हें अच्छी शिक्षा भी दी जाएगी। इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि यादा से यादा बच्चे स्कूल जा सकें। श्रीमती मंत्री रेणुका चौधरी ने कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती बाल मृत्यु दर को कम करने की है। सरकार बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। सरकार बच्चों को उनके अधिकार दिलाने,बाल श्रम से मुक्ित दिलाने, उन्हें स्कूल भेजने और लड़कियों को विशेष सुविधाएं दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 2006-07 से 2008-0में उनके मंत्रालय का बजट 60 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इसके बावजूद कोई भी एक मंत्रालय या एजेंसी इन सभी समस्याओं को हल नहीं कर सकती। इसके लिए दूसरी एजेंसियों से साझेदारी जरूरी है। यूनिसेफ की प्रतिनिधि कारीन हुशोफ ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि यूनिसेफ भारत में पांच वर्षीय इस कार्यक्रम पर 70 करोड़ रुपए खर्च करेगा। बच्चों के विकास के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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