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बारिश से झील बनी राजधानी

दिनभर रुक-रुककर हुई तेज बारिश ने राजधानी को झील जसा स्वरूप प्रदान कर दिया। इस बार बरसात में तो निचले इलाकों राजेंद्र नगर, कंकड़बाग से अधिक खराब स्थिति ऊपरी इलाकों की है। पाटलपिुत्र कॉलोनी व बोरिंग रोड के इलाकों में जलजमाव अभी भी बरकरार है। गुरुवार की बारिश ने राजेंद्रनगर व कंकड़बाग में भी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। बारिश के कारण नालों में ऊफान आ गया है और पानी निकलने के बजाए ठहर गया है। पूर शहर में पानी निकालने के लिए निगम का प्रयास रंग नहीं ला पा रहा है।ड्ढr ड्ढr बारिश के कारण राजधानी के प्रमुख इलाकों फ्रेार रोड, एगीविशन रोड, गांधी मैदान, स्टेशन रोड, बोरिंग रोड, ओल्ड बाइपास रोड में सड़क से लेकर गली-कूचे तक पानी जमा हो गया। इसके अलावा पाटलिपुत्र इलाके में अल्पना मार्केट से लेकर कुर्ाी रोड में आगे तक भारी जलजमाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है। साथ ही नेहरू नगर के आवासीय कॉलोनी में जलजमाव की स्थिति पूर्ववत बनी हुई है।ड्ढr नेहरू नगर के मधुकर कुमार व मुकेश शर्मा बताते हैं कि जलजमाव बुधवार को कुछ कम हुआ था लेकिन आज इसमें कोई कमी नहीं आयी। उधर पानी निकालने में जुटी निगम की टीम ने गुरुवार को भी पाटलिपुत्र गोलंबर से वन विभाग के आगे तक नाले की उड़ाही का कार्य जारी रखा।ड्ढr इसके बाद भी जलस्तर में कोई कमी नहीं हो रही है। कुर्ाी से बेउर जाने वाले नाले के ध्वस्त होने और सदाकत आश्रम की तरफ से पानी आने से यहां की स्थिति दयनीय बनी हुई है। राजधानी के अन्य इलाकों में भी जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी। बारिश के कारण नाला रोड, कदमकुआं, ठाकुरबाड़ी रोड, बारी पथ, खेतान मार्केट के आसपास, जगत नारायण रोड, कांग्रेस मैदान के आसपास जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है। इसके अलावा बहादुरपुर, सैदपुर, रामपुर, संदलपुर, भूतनाथ रोड में जलजमाव की समस्या फिर से उत्पन्न हो गयी है। इसके अलावा कंकड़बाग में मुन्नाचक, पीसी कॉलोनी, शालीमार स्वीट्स के आसपास के इलाके, हनुमान नगर, मीठापुर, न्यू बिग्रहपुर, पोस्टल पार्क में भी जलजमाव की समस्या खड़ी हो गयी है। श्रीकृष्णापुरी मुहल्ले में नाले का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। वहीं श्रीकृष्णानगर में भी जमा पानी कमने का नाम नहीं ले रहा है। निगम का कहना है कि पानी की निकासी के लिए सभी संप हाउसों पर लगातार निगरानी की जा रही है। डिवाइडर पर सिमटे लोग, सड़कें जामड्ढr पटना (का.सं.)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राजधानी की दर्जनों सड़कें बुधवार को दरिया बन गईं और डिवाइडर पर लोगों के कदम सरकते रहे। शहर की हृदयस्थली डाकबंगला चौराहा हो या गांधी मैदान। बेली रोड हो या फ्रजर रोड। बोरिंग रोड हो या राजेन्द्रनगर। स्टेशन रोड हो या एक्जबिशन रोड। पुरानी बाइपास हो या नाला रोड। शालीमार मोड़ या पाटलिपुत्रा गोलंबर। शहर की दर्जनों सड़कों पर लबालब पानी भर गया। शेखपुरा इलाके में इंदिरा गांधी आयरुविज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के समीप बेली रोड के जलमग्न होने से रोगियों का आना-जाना भी मुश्किल हो गया। इधर राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की ‘रीढ़’ बनी टेम्पो के चालक पानी के खौफ से सड़कों से गायब हो गये। जहां एक सवारी के लिए कई टेम्पो चालक दौड़ते थे वहीं आज सैकड़ों लोगों की भीड़ टेम्पो के इंतजार में खड़ी दिखी। एक-एक घंटे तक जद्दोजहद करने पर लोगों को टेम्पो में जगह मिल पाती थी। दोपहर बाद तो स्थिति और बिगड़ गई। प्रमुख सड़कों के अलावा शाखा व लिंक रास्तों पर एक से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। कुछ जगहों को छोड़ ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई। डिवाइडर के दोनों तरफ दो-दो कतारों में चलने वाली वाहनें एक ही लाइन पकड़ कर चलने को मजबूर थीं। एक तरफ जहां पैदल राहगीरों के लिए डिवाइडर सहारा बना तो दूसरी तरफ वाहन चालक भी डिवाइडर का किनारा पकड़ कर ही सरकते रहे। नतीजतन अधिकांश सड़कों पर दिन से लेकर देर शाम तक जाम की स्थिति बनी रही। अशोक राजपथ, पीरमुहानी, ठाकुरबारी रोड, दरियापुर, अशोक राजपथ, बुद्ध मार्ग, छज्जूबाग, हनुमाननगर, करबिगहिया, जमाल रोड व अन्य सड़कों की हालत कमोबेश एक जैसी ही थी। जलजमाव के कारण सड़कें टूटने-फूटने के साथ ही कई जगहों पर गड्ढ़ा होने से वहां वाहनों के फंसने या खराब होने से कुछ सड़कों पर स्थिति और भी बुरी हो गई। दो घंटे में ही 40 मिलीमीटर बारिशड्ढr पटना (का.सं.)। गरजते बादल। चमकती बिजली। बादलों से घिरा आसमान। . और झमाझम बारिश। राजधानी की पहचान इन दिनों यही हो गयी। सुबह, दोपहर ,शाम व रात यानी चारों पहर बारिश का डर सताता है। बारिश ने तो इस बार पिछले कई वर्षो के रिकार्ड ही तोड़ दिए हैं। बकौल मौसम विज्ञान केन्द्र के प्रभारी निदेशक करोड़पति प्रसाद मानसून का सिस्टम लगातार सूबे में रहने से इस बार लोगों को अधिक बारिश झेलनी पड़ रही है। सिस्टम के रुक जाने से महज दो घंटे में ही रिकार्ड बारिश हो जाती है। राजधानी में गुरुवार को महज दो घंटे में ही 40.2 मिलीमीटर बारिश हो गयी। पिछले 36 घंटे में 78.4 मिलीमीटर बारिश हुई है। 7 अगस्त को भी महज दो घंटे में 82.6 मिलीमीटर बारिश हो गयी थी। पिछले एक पखवाड़े में लगभग 300 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं जून से जुलाई के बीच 1100 मिलीमीटर बारिश हुई है। इस मौसम में 24 घंटे के दौरान 120 से 140 मिमी बारिश का रिकार्ड दर्ज हो चुका है। मौसम विज्ञान केन्द्र के मुताबिक अगले 24 घंटे के दौरान भी यही मौसम रहेगा।ं

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