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कोड़ा ने इस्तीफा दिया पर सोरेन को समर्थन नहीं

झारखंड के मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने शनिवार को रायपाल सैय्यद सिब्ते रजी को अपना इस्तीफा सौंप दिया लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि निर्दलीय विधायक उनकी सरकार से समर्थन वापस लेने वाले झारखंड मुक्ित मोर्चा (जेएमएम) के अध्यक्ष शिबू सोरेन का किसी कीमत पर समर्थन नहीं करेंगे। कोड़ा अपने मंत्रियों स्टीफन मरांडी, जोबा मांझी, चंद्रप्रकाश चौधरी, भानु प्रताप शाही और हरिनारायण राय के साथ शाम को राजभवन गए और रायपाल को इस्तीफा सौंपा। कोड़ा ने बाद में कहा कि वह और निर्दलीय विधायक सोरेन का समर्थन नहीं करेंगे। सोरेन की पार्टी ने 17 अगस्त को कोड़ा के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। जेएमएम के 17 विधायक हैं। दोपहर बाद दिल्ली से लौटने के बाद कोड़ा ने इस्तीफा देने से पहले निर्दलीय विधायकों के साथ बैठक की। जेएमएम के समर्थन वापस लेने के बाद कोड़ा की सरकार अल्पमत में आ गई थी और 25 अगस्त को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान इसका शक्ित परीक्षण होने वाला था। जेएमएम अध्यक्ष ने कोड़ा नीत संप्रग सरकार को हटाने की मुहिम छेड़ दी थी और अब कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के समर्थन होने का दावा करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। जेएमएम को कांग्रेस के सात, राष्ट्रीय जनता दल के नौ, भारतीय जनता पार्टी के असंतुष्ट दो, कोड़ा और मरांडी को छोड़कर सात निर्दलीयों और अपने 17 विधायकों सहित 82 सदस्यों वाली विधानसभा में 42 सदस्यों का समर्थन प्राप्त होने की आशा है। तामार के विधायक रमेश सिंह मुंडा (जनता दल यू) की पिछले माह माआेवादियों द्वारा हत्या कर दिए जाने के बाद विधानसभा में एक स्थान रिक्त है। कांग्रेस और राजद का समर्थन होने के अलावा सोरेन निर्दलीय मंत्रियों को भी साथ लेने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन इनमें से कई अभी राय में नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में नहीं हैं।

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