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रिकॉर्ड के बन रहे हैं रिकॉर्ड

अब जबकि भारत का अभियान पूरा हो चुका है, बाकी देश भी अपना बस्ता बांधने में लग गए हैं। माइकल फ्लेप्स के 8 गोल्ड के धमाके के बाद जमैका के उसेन बोल्ट ने ओलंपिक देखने वालों को हैरत में डाला है। शुक्रवार की रात बोल्ट ने अपने देश के तीन अन्य साथियों को अपने हैरतअंगेज कारनामों में जोड़कर एक और विश्व रिकार्ड कायम किया। बर्डनेस्ट स्टेडियम में जसे इसी अतिशक्ितशाली मानव को देखने के लिए बैठे थे। अपने प्रशंसकों को ढेर सार आटोग्राफ देने के बाद बोल्ट ट्रैक पर उतर और रिले में भी एक और रिकार्ड बना दिया। वह तीसर नम्बर पर दौड़े और 100 मीटर के पूर्व विश्व रिकार्डधारी आसफा पावेल को बैटन थमाया। जिन्होंने 37.10 सेकेंड का नया कीर्तिमान लिखाया। यह बोल्ट का तीसरा रिकार्ड ब्रेकिंग गोल्ड था। इससे पहले वह 100 मीटर (और 200 मीटर (10) से नया रिकार्ड अपने नाम दर्ज करा चुके थे। जिसे प्रदूषित और सबसे खराब शहर माना जा रहा था वह बेहतरीन सफलताओं का पर्याय बना है। बीजिंग ओलंपिक की सफलता का गुणगान उसके विरोधी भी करने लगे हैं। पश्चिम के तमाम विरोधी प्रचार के बावजूद बीजिंग ने शानदार तरीके से ओंलपिक का आयोजन किया है। जो लोग मास्क पहन कर हवाई अड्डे पर उतर थे, जिनके अखबार यहां की धूल और धुएं की खबरों से धूं धूं कर रहे थे, जो लोग वाटर क्यूब के आकर्षक तरणताल को भी दूषित बता रहे थे, उन सबका यहां बने रिकार्ड मुंह चिढ़ा रहे हैं। इससे पता चलता है कि पश्चिम का मीडिया कितना दुष्प्रचार करता है। यदि यह शहर इतना प्रदूषित है तो फिर यहां 40 के करीब विश्व रिकार्ड कैसे बन गए। ओलंपिक रिकार्ड टूटने का आंकड़ा तो अर्धशतक तक पहुंच गया है। उस तरणताल में जिसमें कहा जा रहा था कि पानी तक विषैला है कैसे मानव शार्क फेल्प्स ने सात विश्व रिकार्ड और एक ओलंपिक रिकार्ड तोड़ डाला। इस विषैले पानी में 21 विश्व रिकार्ड और 27 ओलंपिक रिकार्ड डूबे हैं। पश्चिम को एशियाई देश की इस भारी सफलता से परशानी हो रही है। वह कमी खोज पाए तो बस इतनी कि खिलाड़ियों को सीधे ट्रैक पर नहीं उतारा जा रहा है। न कोई ट्रैफिक जाम न कोई धुआँ, न कोई धूल और न ही कोई जहरीला वातावरण। मैडल जीतने वाले देशों की संख्या भी रिकार्ड पार कर चुकी है। अभी कुछ स्पर्धाओँ के फैसले आने हैं पर आयरलैंड के दो कांस्य जीतने और मॉरिशस और मोल्दोवा के एक एक कांस्य ने पदक विजेता देशों की संख्या 83 कर दी है। जो सिडनी में सर्वाधिक 80 को पार कर चुकी है। भारत ने भी यहां पहला व्यक्ितगत ओलंपिक गोल्ड जीता जबकि पहली बार किसी ओलंपिक से तीन पदक लेकर हम लौटेंगे। चीन ने अपने देश में ओलंपिक होने का लाभ उठाया है और गोल्ड के अर्धशतक पर पहुंच अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। कुल मैडल में तो वह अमेरिका से बाजी नहीं मार पाया पर सोने के तमगों में चीन ने उन्हें काफी पीछे छोड़ दिया है।

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