अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

खबरिया चैनलों ने बनाया खुद पर नियंत्रण का कानून

खबरिया चैनलों के मालिकों ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति जे.एस. वर्मा की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय सेल्फ रगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार किया है जिसका काम अपने लिए आचारसंहिता और मानदंड तैयार करगा। खबरिया चैनलों के संघ न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने न्यूज ब्राडकास्टिंग स्टेंडर्ड, डिस्प्यूट्स रिड्रेसल ऑथॉरिटी का गठन किया है जो उनकी आचारसंहिता और प्रसारण से जुड़े मानदंड़ों को लागू करेगी। सरकार और चैनल मालिकों के बीच करीब दो वर्षो तक इस मुद्दे पर चले विवाद के बाद हाल ही में चैनल मालिकों ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को प्रस्तावित संहिता का ड्राफ्ट सौंपा था। निजी टीवी चैनलों के लिए नियामक और कंटेंट कोड बनाने के उद्देश्य के सरकार के ब्रॉडकास्टिंग सेवा नियमन कानून लाने के विचार का चैनलों ने कड़ा विरोध किया था। चैनल पक्ष में थे कि इस उद्योग के नियंत्रण के लिए अपना तंत्र खुद बनाएं। इसका सरकार ने भी समर्थन किया लेकिन चैनल किसी नियम कानून में बंधना नहीं चाहते थे। एनबीए ने शनिवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि उसने सेल्फ रगुलेटरी फ्रेमवर्क (खुद के लिए दिशानिर्देश) बना लिया है क्योंकि उसका मानना है कि मीडिया का काम सरकार की कमियों को उजागर करना है और यदि सरकार मीडिया के कायदे कानून बनाएगी तो इससे मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: खबरिया चैनलों ने बनाया खुद पर नियंत्रण का कानून