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मथुरा में जन्माष्टमी की धूम

जहां ब्रज के अधिकांश स्थानों पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 24 अगस्त को मनाई जा रही है वहीं गोकुल के मंदिरों में होली का सा माहौल बन गया है। मंदिरों में श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव दधिकाना के रूप में मनाया जाता है। ब्रज में तीर्थयात्रियों का हजूम उमड़ पडा है। दानघाटी मंदिर गोवर्धन के सेवायत आचार्य मथुरादास कौशिक के अनुसार जन्माष्टमी पर मंदिर में प्रात: चार बजे गिर्राज महाराज का भव्य अभिशेष कई मन दूध दही से होगा। उनका कहना है कि जन्माष्टमी पर सामान्यतया भक्तगण मंदिर में चरणामृत ग्रहण कर ही गिर्राज की परिक्रमा करते है। मथुरा मंे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों को जहां अंतिम रूप दिया जा रहा है वही गोकुल में राजा ठाकुर मंदिर गोकुलनाथ मंदिर समेत कई मंदिरों में दधिकाना की तैयारियां जोरों पर हैं। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के प्रबंधको ने इस बार तीर्थयात्रियो को विशेष सुविधा दी है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार इस बार जन्मस्थान पर स्थित केशवदेव मंदिर एवं भागवत भवन के मंदिर जन्माष्टमी के दिन दोपहर में भी खुले रहेगें। पिछले वषर्ों में दोपहर में मंदिर बन्द हो जाने के कारण तीर्थयात्रियो को दर्शन के लिए कई घंटे धूप में इंतजार करना पड़ता था। बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक के अनुसार इस मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात इस बार तड़के सवा दो बजे मंगला आरती के दर्शन होगे। मंगला आरती सवा दो बजे होगी और छीटे पड़ेंगे। यह आरती एवं दर्शन वर्ष में केवल एक बार ही होते है। इसके बाद सुबह साढ़े पांच बजे तक ठाकुर जी भक्तों को दर्शन देगें। मथुरा और वृन्दावन के अन्य मंदिरो में 25 अगस्त को जहां दधिकाना होगा वही इसी दिन रंग जी मंदिर वृन्दावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस बीच अपर जिलाधिकारी प्रभात कुमार शर्मा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मस्थान से पांच किलो मीटर की परिधि में इस बार दो पहिया वाहन भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नहीं चलेंगें। गोकुल में दधिकाना में श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में नाच गाने के साथ-साथ एक दूसरे पर हल्दी मिश्रित दही इतना डाला जाता है कि होली जैसा दृश्य बन जाता है और दही, जलेबी, फल, पकवान बिना भेदभाव के लुटाए जाते हैं। मंदिरों के पुजारीगण ही नन्द और यशोदा का रूप धारण करते है। लगभग दस बजे शहनाई और अन्य वाद्ययंत्रों की धुन के बीच गोकुलवासी राजा ठाकुर मंदिर से एक समूह के रूप में नन्द चौक आते है जहां पर श्रीकृष्ण के गोकुल आगमन पर नृत्य गायन के साथ हल्दी मिश्रित दही के साथ-साथ अन्य पकवान भी लुटाए जाते हैं। इस बार गोकुल के युवकों ने प्रत्येक भक्त को माखन मिश्री का प्रसाद देने का निर्णय लिया है मगर यह प्रसाद उन्ही भक्तों को दिया जाएगा जो पारंपरिक दृष्टि से भारतीय वेशभूषा में होगें।

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  • Web Title: मथुरा में जन्माष्टमी की धूम