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डॉक्टरों में भी एचआईवी संक्रमण

हड्डी रोग विशेषज्ञ डा.विश्वेन्द्र कुमार ने बताया है कि इलाज करने के दौरान करीब छह प्रतिशत हड्डी रोग विशेषज्ञ हर वर्ष एचआईवी संक्रमित हो रहे हैं। मरीजों से एचआईवी के अलावा हेपेटाइटिस बी व सी का संक्रमण भी डॉक्टरों में पहुंच रहा है।ड्ढr ड्ढr डा. कुमार रविवार को ‘शल्य क्रिया के दौरान एचआईवी व हेपेटाइटिस के खतरों से बचाव’ विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में इलाज के लिए आनेवाले मरीजों की जान बचाना डॉक्टरों की प्राथमिकता होती है। कभी अनजाने में तो कभी संक्रमण की जानकारी के बाद भी ऐसे मरीजों का ऑपरशन करना डॉक्टरों की मजबूरी होती है। सर्जरी के दौरान नुकीले और शार्प उपकरणों का प्रयोग होता है। मरीज की सर्जरीवाले नुकीले उपकरण डॉक्टर को चुभ जाए तो संक्रमण की संभावना 87 फीसदी रहती है। सर्जरी करते समय इससे बचना भी असंभव होता है। उन्होंने बताया कि अमेरिका जैसे देश में भी 40 फीसदी सर्जन अपने जीवन में हेपेटाइटिस बी जैसी बीमारी से संक्रमित हो जाते हैं। इस मौके पर पीएमसीएच रक्तअधिकोष के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा.यू.पी.सिन्हा ने बताया कि खून, लार, यौनमार्ग के स्रव और सीमेन जैसे तत्व संक्रमण के वाहक होते हैं। ऐसे में सर्जनों को सर्जरी के दौरान विशेष सावधान रहना चाहिए। इसके लिए सुरक्षा किट का प्रयोग भी करना चाहिए।ड्ढr ड्ढr उम्र बढ़ानी हो तो तंबाकू का सेवन छोड़ेंड्ढr पटना (हि.प्र.)। उम्र बढ़ने के साथ-साथ हृदय की बीमारी बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। यदि लोगों को अपनी आयु बढ़ानी हो तो तम्बाकू का सेवन छोड़ना होगा, साथ ही प्रतिदिन कम से कम आधा घंटे व्यायाम करना होगा। इससे ब्लडप्रेशर तो कम होगा ही, साथ ही अन्य कई बीमारियां भी दूर हो जाएंगी। उक्त बातेंं हृदय रोग संस्थान, पटना के निदेशक डा. एस.एन. मिश्रा ने रविवार को श्रम संसाधन विभाग द्वारा बीमा चिकित्सकों के प्रथम राज्यस्तरीय सीएमई कार्यक्रम में कहीं। कार्यक्रम का उद्घाटन श्रम मंत्री अवधेश नारायण सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि संवेदना बिहार की पहचान है। किसी भी क्षेत्र में सेवा का बहुत बड़ा हाथ होता है और इसी आधार पर हम राज्य को आगे बढ़ा सकते हैं। इस मौके पर मुख्य अतिथि श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी, डा. प्रो. आर.आर. कनौजिया, डा. अमरकांत झा, डा. सहाानंद प्रसाद सिंह एवं डा. ए.सी. मिश्र सहित कई डाक्टर उपस्थित थे। डा. मिश्र ने बताया कि तम्बाकू सेवन से हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। ब्लडप्रेशर कभी भी 120 80 से अधिक नहीं रहना चाहिए। मधुमेह एवं ब्लडप्रेशर मरीाों को विशेष रूप से अपने डायट पर ध्यान देना चाहिए। डा. आर.आर. कनौजिया ने कहा कि मानव शरीर में हाथ दूसरी आंख होती है। अकसर गांवों में थ्रेसर में लोगों का हाथ बुरी तरह घायल हो जाता है और डाक्टर के पास हाथ काटने के सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं रहता है। परंतु आज माइक्रो सर्जरी से हाारों हाथों को बचाया जा सकता है। उन्होंने माइक्रोसर्जरी से किस तरह कटी हुई हाथों को रोका जा सकता है इस संबंध में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।

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