अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आसाराम की शिकायत पर केन्द्र को नोटिस

विवादों में घिर धर्म गुरु आसाराम बापू की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या टीवी पर दिखाई जाने वाली खबरों के संतुलन पर दिशानिर्देश बनाए जा सकते हैं। आशाराम बापू ने सोमवार को अपनी याचिका में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केाी बलाकृष्णन और पी सथाविशम की खंडपीठ से कहा कि मीडिया उनके खिलाफ अभियान चला रहा है। आसाराम के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि पिछले दिनों आश्रम के एक स्कूल में हुई दो छात्रों की मौत को मीडिया ने ऐसे प्रस्तुत किया जसे उसमें आश्रम लिप्त हो। जबकि फारंसिक और पुलिस रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है कि छात्रों की मौत डूबने के कारण हुई है। रोहतगी ने कहा कि उन्हें खबरों पर आपत्ति नहीं है लेकिन कम से कम मीडिया को उनका पक्ष भी जनता को दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया के लिए दिशानिर्देश बनाने चाहिए कि बिना पुष्टि किए या प्रभावित व्यक्ित का पक्ष लिए बिना खबरों का प्रसारण न किया जाए। कोर्ट ने कहा कि एक व्यक्ितगत मामले पर सामान्य दिशानिर्देश बनाने का आदेश नही दिया जा सकता। बेहतर होगा कि इसके लिए वह मानहानि का दावा कर करं। लेकिन मुकुल ने कहा कि मामला इतना साधारण नहीं है। यदि वह दीवानी मुकदमा दायर करंगे तो उसमें काफी समय लग जाएगा तब तक उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हो चुका होगा। उन्होंने कहा कि केबल टीवी नेटवर्क रगुलेशन एक्ट, 1े तहत नियम बने हैं लेकिन उन्हें कोई लागू करने वाला नहीं है। उन्होंने नोएडा के आरुषि केस का हवाला दिया कि किस तरह मीडिया ने डा. तलवार दंपत्ति को पहले ही बदनाम कर दिया जबकि जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया गया। अंत में कोर्ट ने खबरों के संतुलन के संबंधी सीमित बिन्दु पर केंद्र को नोटिस जारी कर दिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: आसाराम की शिकायत पर केन्द्र को नोटिस