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जाम से लखीसराय के लोग परशान

बालू लदे ट्रकों के ओवरलोडिंग एवं वाहनों के रलमपेल स्थिति के कारण प्रतिदिन वाहनों का गुल्ला टूटना एवं वाहनों के खराब होने के कारण लखीसराय के निवासी प्रतिदिन जाम की समस्या से त्रस्त हैं। शहर के मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति के कारण भी जाम की समस्या खड़ी होती है। शहरवासी पिछले 24 घंटे से लगातार जाम की समस्या को झेल रहे हैं। जाम के कारण जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित रही वहीं विभिन्न कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी विलंब से कार्यालय पहुंचे। मुख्य मार्ग में बिजली ऑफिस के समीप बीच सड़क पर ही एक बालू लदे ट्रक का गुल्ला टूट जाने से जाम लगा हुआ है। चारपहिया एवं दोपहिया वाहनों की कौन कहे, लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।ड्ढr ड्ढr उपप्रमुख पर सीओ ने दर्ज कराई प्राथमिकीड्ढr मोहीउद्दीननगर (समस्तीपुर) (सं.सू.)। प्रखंड के उपप्रमुख तथा दो पंचायत समिति सदस्यों पर मारपीट तथा लूटपाट की प्राथमिकी थाना में सीओ अविनाश कुमार ने दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 20 अगस्त को सीओ के आवास पर रात में उपप्रमुख प्रमोद राम, पंसस जवाहर राय एवं अमरनाथ राय ने इंदिरा आवास के सभी फाइलों पर हस्ताक्षर करने के लिए सीओ पर दबाव डाला। सीओ ने जांच रिपोर्ट के बाद अनुशंसा करने की बात कही। बस उक्त लोगों ने गालियां देना शुरू कर दी। कल होकर ज्योंही आवास में कार्य शुरू किया कि उक्त व्यक्ित फिर अन्य कई साथियों के साथ आए और काम के बार में पूछा। सीओ ने पुन: वही बात दुहराई। बस आरोपी सीओ के साथ मारपीट शुरू कर दी। कपड़ा फाड़ डाला तथा सोने की चेन एवं जेब से नकद एक हाार रुपए ले लिया। इस बाबत प्रमुख पति सह पंसस जवाहर राय ने घटना से साफ इंकार करते हुए कहा कि सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। चूंकि गत वर्ष प्रखंड में बाढ़ से ध्वस्त हुए मकान वालों को विशेष इंदिरा आवास आजतक नहीं मिला । फिर इस वर्ष बाढ़ आ गई। मकान नहीं मिलने से आक्रोशित लोग ही सीओ का घेराव कर रहे थे। तीन अंधे बच्चों के इलाज के लिए नहीं मिली सरकारी मददड्ढr वीरपुर (बेगूसराय)(सं.सू.)। जमीन बेच डाली लेकिन अपने तीन जन्मजात अंधे बच्चों का इलाज करा पाने में मो जमील को कोई सफलता नहीं मिली। सरकार की सारी कल्याणकारी योजनाएं भी उसके लिए बेमानी साबित हुई। फिलहाल वह अपने बहनोई के साथ पैसा कमाने सउदी अरब गया है ताकि अपने तीनों बच्चों की आंख का इलाज करा सके। कारीचक निवासी 45 वर्षीय मो. जमील मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसे पहली बीबी से पांच बच्चे हुए जिनमें दो लड़की व तीन लड़का है। दोनों लड़की 16 वर्षीया रूमी व 8 वर्षीया नगमा तथा 12वर्षीय पुत्र मो. मिस्टर जन्म से ही अंधे हैं। इन बच्चों के अंधे होने से उसकी सारी खुशियां समाप्त हो गई और उसने बच्चों की जिन्दगी को रौशन बनाने के लिए अपनी सारी जमीन बेच डाली। भूमिहीन होने केबाद भी बाप के दिल ने हार नहीं मानी और वह पैसा कमाने की ठान सऊदी अरब चला गया।

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  • Web Title: एक नजर