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भारत ने क्लीनस्वीप कर रचा इतिहास

भारत ने क्लीनस्वीप कर रचा इतिहास

फिरोजशाह कोटला की बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह बनी पिच पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में 155 रन के लक्ष्य का पीछा करते तीसरे दिन रविवार को चार विकेट पर 158 रन बनाकर 6 विकेट से ऑस्ट्रलिया को हराया। भारत ने चार मैचों की सीरीज़ में 4-0 से क्लीनस्वीप कर इतिहास रच दिया।

कोटला की पिच पर तीसरे दिन रन बनाना बहुत मुश्किल था। पहले दो सत्र में 13 विकेट गिरे। सुबह पहली पारी में 272 रन बनाने वाले भारत को दूसरे सत्र में ही लक्ष्य का पीछा करने के लिए क्रीज़ पर उतरना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया की टीम दूसरी पारी में 164 रन पर ढेर हो गई। चेतेश्वर पुजारा 82 और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी 12 रन बनाकर नाबाद लौटे।

ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पीटर सिडल (50) ने लगातार दूसरी पारी में अर्धशतक जड़कर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम लिखाया। बायें हाथ के भारतीय स्पिनर रविंदर जडेजा ने अपने करियर में पहली बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। उन्होंने 58 रन देकर पांच विकेट लिए। रविचंद्रन अश्विन और प्रज्ञान ओझा को दो-दो विकेट मिले जबकि एक विकेट इशांत शर्मा ने लिया।

सुबह के सत्र में ही सात विकेट गिर गए थे जिनमें ऑस्ट्रेलिया के पांच विकेट शामिल थे। भारत की पहली पारी सुबह आठ मिनट और 13 गेंद तक सीमित रही। लायन ने बाकी बचे दोनों विकेट निकालकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 94 रन देकर सात विकेट हासिल किए।

लंच से पहले की जो कहानी थी, दूसरे स़त्र में भी उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे सत्र में अपने बाकी बचे पांच विकेट गंवाए तो भारत को भी चौथे ओवर में ही मुरली विजय (12) के रूप में पहला झटका लग गया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पिछले दस साल में पहली बार दो स्पिनरों ने गेंदबाजी का आगाज किया।

लायन के साथ मैक्सवेल ने गेंद संभाली और और विजय को ऑफ ब्रेक पर रिवर्स स्वीप करने की कड़ी सजा दी। मैक्सवेल 1929 में पर्सी हार्नीब्रूक के बाद पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बने जिन्होंने किसी मैच में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों की शुरुआत की।

हाथ में चोट के कारण क्षेत्ररक्षण के दौरान कुछ समय मैदान से बाहर रहने वाले पुजारा ने तेजी से रन बटोरने को तरजीह दी तथा अपनी कटिंग, पंचिंग और ड्राइव से इसी टीम के खिलाफ तीन साल पहले बेंगलुरु में खेली गई पारी की यादें ताजा कर दी। अपने घरेलू मैदान खेल रहे कोहली ने भी उनका पूरा साथ दिया।

इससे पहले लंच के बाद पांच विकेट पर 89 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाने वाले ऑस्ट्रेलिया ने जल्द ही स्टीवन स्मिथ (18) और मिशेल जॉनसन (शून्य) के विकेट भी गंवा दिए। जडेजा को इन दोनों विकेटों के लिए कोई खास प्रयास नहीं करना पड़ा।

सिडल ने न सिर्फ जडेजा की हैट्रिक बचायी बल्कि इसके बाद कई लुभावने शॉट खेले। उन्हें निचले क्रम में जेम्स पैटिनसन का फिर से अच्छा साथ मिला। इन दोनों ने पहली पारी में नौवें विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी की थी और इस बार दोनों ने 35 रन जोड़े। इशांत शर्मा ने पैटिनसन (11) को गेंद विकेटों पर मारने के लिए मजबूर करके यह साझेदारी तोड़ी।

सिडल ने अश्विन की गेंद पर दो रन लेकर लगातार दूसरी पारी में अर्धशतक पूरा किया। वह दुनिया में नौवें नंबर के पहले बल्लेबाज हैं जिन्होंने दोनों पारियों में अर्धशतक जमाया। इसके अलावा पहली बार किसी नौवें नंबर के बल्लेबाज ने टीम की तरफ से दोनों पारियों में सर्वाधिक स्कोर बनाया। अश्विन ने हालांकि अगली गेंद पर ही सिडल को धौनी के हाथों स्टंप करा दिया। उन्होंने 45 गेंद खेली तथा सात चौके लगाए।

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