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बाढ़ की गंभीरता के चलते कैदियों का स्थानांन्तरण

नेपाल के पठारी क्षेत्रों में जारी व्यापक वर्षा के कारण बिहार की चार प्रमुख नदियों के खतरे के निशान से ऊपर रहने से राय के उत्तरी भाग के मधेपुरा, सुपौल, अररिया, सहरसा आदि अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थिति की गंभीरता देखते हुए आम लोगांे के साथ-साथ कैदियों को भी सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है। इस बीच पीड़ितों के बीच सेना के माध्यम से राहत कार्य जारी है। सुपौल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले के वीरपुर उपकारा में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने के कारण जेल के 67 कैदियों को सहरसा स्थानांन्तरित किया जा रहा है। जिलाधिकारी एन सरवन कुमार ने बुधवार को बताया कि 18 अगस्त को नेपाल प्रभाग में कुसहा के निकट कोसी तटबंध के टूटने से उपकारा में बाढ़ का पानी लगातार फैलता जा रहा है जिसके मद्देनजर कैदियों को सहरसा कारा मंे स्थानांन्तरित किया जा रहा है। कुमार ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण पिछले नौ दिनों से जेल के अंदर कैदियों के लिए भोजन निर्माण से लेकर रोजमर्रा के सभी कामों में भारी कठिनाईयांे का सामना करना पड़ रहा था जिससे यह निर्णय लिया गया है। इस बीच सुपौल उप-कारा से 21 कैदियों के भागने की सूचना है। हालांकि इसकी अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। राय में बाढ़ से अब तक नौका दुर्घटना एवं अन्य घटनाआें में मधेपुरा मंे पच्चीस, सुपौल में दस, भागलपुर में सात, पश्चिम चंपारण के बगहा में चार, पूर्णिया और समस्तीपुर में तीन-तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

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