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कंधमाल में देखते ही गोली मारने के आदेश

उड़ीसा के कफ्यरूग्रस्त कंधमाल जिले में हिंसा थम नहीं रही। बुधवार को तीन और शव बरामद होने से हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जबकि अपुष्ट सूत्रों के अनुसार अब तक कुल 14 जानें जा चुकी हैं। हिंसा पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए हैं। इस बीच केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने हिंसाग्रस्त इलाके का दौरा कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने स्थिति से निपटने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर नाखुशी जताई और कहा कि तीन दिन हो चुके हैं और हालात नियंत्रण से बाहर हैं। जायसवाल ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, राज्यपाल एम.सी. भंडारी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें भी कीं। इस बीच कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को यहां भाजपा तथा संघ परिवार के संगठनों को उड़ीसा के कंधमाल में हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं दर्शाती हैं कि भारतीय जनता पार्टी तथा उसके सहयोगी संगठन सांप्रदायिकता का अपना नकारात्मक एजेंडा पूरा करने तथा लालकृष्ण आडवाणी को देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए किसी भी स्तर तक जा सकते हैं। उड़ीसा में सरकारी सूत्रों ने बताया कि उग्र भीड़ ने पूर्व राज्य पुलिस आयुक्त जान नायक के घर पर भी हमला किया है। रैकिया इलाके के कई परिवार जंगलों की ओर भाग गए हैं। इलाके में दंगाइयों पर काबू पाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने फ्लैगमार्च भी किया। अधिकारियों के अनुसार स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही कुछ इलाकों से कफ्यरू हटाने या जारी रखने का निर्णय लिया जाएगा। कंधमाल के जिलाधिकारी किशन कुमार ने बताया कि बुधवार को एक शव फिरिंगिया से और एक राइकिया से बरामद किया गया। एक की मौत सोमवार और दूसरे की मंगलवार को हुई थी। कुमार ने कहा कि दोनों की मौत भीड़ के हमले से हुई। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ित ने मंगलवार रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। मंगलवार रात को विभिन्न इलाकों से हिंसा की खबरें आती रहीं।

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