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उप्र में मूसलाधार बारिश व बाढ़ से अब तक 725 की मौत

उत्तरप्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से गंगा, यमुना और घाघरा सहित कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पूरे प्रदेश में बारिश व बाढ़ से इस वर्ष 725 लोगों की मौत हो चुकी है और 674 गांव टापू की शक्ल ले चुके हैं। यहां गुरुवार को राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पूरे प्रदेश में बारिश व बाढ़ की वजह से पहली जून से लेकर अब तक 725 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें नदी में डूबकर मरने वालों की संख्या है। प्रदेश के 21 जिलों के तीन हजार 6गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें 674 गांव पूरी तरह टापू की शक्ल ले चुके हैं। लोग आने-जाने के लिए नावों का प्रयोग कर रहे हैं। प्रदेश सिंचाई विभाग के मुताबिक सुल्तानपुर जिले में गोमती नदी खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। लखीमपुर खीरी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाराबंकी और बलिया जिले में घाघरा नदी पूरे उफान पर है, जबकि लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। मुख्यमंत्री मायावती ने बुधवार को कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चलाने के लिए 185 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है, जिनमें से अब तक 75 करोड़ रुपये राहत एवं बचाव कार्य पर खर्च किए जा चुके हैं। राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव बलविंदर कुमार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित जिलों में सरकार की तरफ से बाढ़ राहत शिविर लगाए गए हैं।

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