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पीछे हटे राज, कार्यकर्ताआें से की शांति की अपील

मुंबई में दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बोर्ड मराठी में करने के मुद्दे पर गुरुवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने एक तरह से पीछे हटते हुए अपने कार्यकर्ताआें से शांति की अपील की। मनसे ने इस मुद्दे पर 28 अगस्त यानी गुरुवार तक की डेडलाईन देते हुए उग्र आंदोलन की धमकी दी थी। राज ठाकरे ने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहते हैं कि कानून का पालन हो और जब कानून कहता है कि दुकानों के साईन बोर्ड मराठी में हों तो महानगरपालिका अथवा सरकार क्यों नहीं उसका पालन सुनिश्चित करती। शिवसेना का नाम लिए बिना उसकी आलोचना करते हुए मनसे अध्यक्ष ने कहा कि जो पार्टी इतने वषर्ों से सत्ता में होकर भी यह नहीं करवा सकी, उसका श्रेय उसे नहीं लेना चाहिए। राज ठाकरे ने कहा कि वह भी किसी तरह का श्रेय नहीं लेना चाहते पर लोग जानते हैं कि कौन क्या कर रहा है और किसकी वजह से क्या हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व गुरुवार को बंबई उच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी और व्यापारियों को सुरक्षा देने के अलावा उन दुकानदारों को मुआवजा देने का निर्देश दिया जिन्हें मनसे कार्यकर्ताआंे ने निशाना बनाया। राज ठाकरे स्पष्ट किया कि वह यह मुद्दा नहीं छोड़ रहे हैं और पुणे, औरंगाबाद और नासिक शहरों में भी मनसे इस तरह के अभियान छेड़ेगी। उन्हांेने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकर्ताआें को शांत रहने की अपील की है लेकिन अगर सरकार और मनसे की विफलता से खफा होकर जनता कुछ करती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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  • Web Title: पीछे हटे राज, कार्यकर्ताआें से की शांति की अपील