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आत्मदाह की कोशिश करने वालों को चोल चोचाा

अमरनाथ श्राइन बोर्ड कीोमीन वापस दिलाने की माँग को लेकर भूख हड़ताल के बाद विधानसभा गेट पर आत्मदाह करने के प्रयास के आरोप में पुलिस ने अखिल भारतीय महासभा के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर ोल ो दिया।ड्ढr सायं साढ़े पाँच बो प्रभारी मुख्य न्यायिक मािस्ट्रेट इश्तियाक अली की अदालत में इन लोगों को पेश किया गया। अदालत ने आरोपितों महासचिव हिन्दू महासभा कमलेश तिवारी, महासचिव राम कुमार त्यागी, प्रदेश कोषाध्यक्ष ओंकार नाथ तिवारी, मंडल अध्यक्ष फैााबाद आय सिन्हा,ोिलाध्यक्ष अम्बेडकरनगर संतोष सिन्हा, प्रदेश प्रवक्ता मनीष पाण्डेय व नगर कार्यकर्ता शिवपूान दीक्षित को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर 11 सितम्बर तक के लिए ोल ो दिया। अदालत नेोमानत र्आी की सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख नियत की है। अदालत में पेशी के समय हिन्दू महासभा के शिव सैनिकों ने परिसर में नारबााी भी की।ड्ढr उत्तर पुस्तिकाओं का होगा पुनर्मूल्यांकन : उत्तर पुस्तिका के मूल्याकंन में कम मार्किंग का आरोप लगाने वालीोावेद खान की याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश मा.शिक्षा परिषद इलाहाबाद को आदेश दिया है कि 31 अगस्त तक याची की उत्तर पुस्तिका का पुर्नमूल्याकंन कराए।ड्ढr अभिरक्षा में सौंपा : प्रभारी मुख्य न्यायिक मािस्ट्रेट इश्तियाक अली ने नगराम थाने से संबंधित हत्या के आरोपित एक अभियुक्त अशोक कुमार को 24 घंटे की पुलिस अभिरक्षा में सौंपेोाने का आदेश दिया है। अभियुक्त ने पुलिस को दिए गए बयान में हत्या में प्रयुक्त आलाकतल कुल्हाड़ी बरामद कराने का बयान दिया है।ड्ढr बीमा राशि बढ़ाने की माँग : लखनऊ बार एसोसिएशन ने राय सरकार से मांग की है कि अधिवक्ताओं की बीमा राशि बढ़ाकर पाँच लाख कीोाए। बार के मंत्रीोीएन शुक्ला ने बताया किोब तक उनकी यह माँग नहीं पूरी होोाती तब तक वह प्रयास करते रहेंगे।ड्ढr दुकानों से बेदखल करने पर रोक : हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गुरुवार कोोारी एक अंतरिम आदेश में चार सैनिकों की विधाओं को उनको कैसरबाग में आवंटित दुकानों से बेदखल करने पर रोक लगा दी है। बेदखली की कार्यवाही सैनिक कल्याण परिषद ने चलाई थी। न्यायमूर्ति प्रदीप कांत तथा न्यायमूर्ति अभिनव उपाध्याय की खंडपीठ के सम्मुख यह याचिका सुश्री रूपलता पाण्डेय, सीतादेवी, श्रीमती चन्द्रा शुक्ला तथा श्रीमती नारायण देवी ने दायर की थी।ड्ढr कानून से खेलने की क्षाात नहीं : तथ्यों को छिपाकर ‘बंदी प्रत्यक्षीकरण’ याचिका दाखिल करने वाले याची पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने याचिकाकर्ता पर 20 हाार रुपए का हराना लगाते हुए कहा है कि लड़की की निरुद्धि के नाम पर किसी को कानूनी प्रक्रिया से खेलने की क्षाात नहीं दीोा सकती। अदालत ने हराने की रकम क्षतिपूर्ति के रूप में भुक्तभोगी लड़की को देने के आदेश भी दिया है। न्यायमूर्ति वीडी चतुव्रेदी की एकल पीठ के सम्मुख हरदोई निवासी विकास कुमार गुप्ता ने याचिका दायर की थी। अदालत ने कहा है कि याचिकाकर्ता ने अपने खिलाफ दायर आरोप पत्र के तथ्य को छिपा कर कानूनी प्रक्रिया से खिलवाड़ किया हैोिसकी कानून कतई क्षाात नहीं देता।ड्ढr अपहरण के मामलों में पीड़िता को हासिल करने के लिए अभियुक्त द्वारा दायर की गई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका न सिर्फ कानून का दुरुपयोग है बल्कि अभियुक्त की शैतानी का परिचायक है।

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  • Web Title: आत्मदाह की कोशिश करने वालों को चोल चोचाा