DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नॉकआउट पंच को तैयार भारत

सीरीज पहले ही झोली में डाल चुकी महेन्द्र सिंह धोनी की युवा ब्रिगेड शुक्रवार को होने वाले पांचवें और अंतिम मैच को भी जीतकर शानदार समापन करने के इरादे से उतरेगी। मेहमान टीम को उम्मीद रहेगी कि इस औपचारिक मैच में उसके बल्लेबाज फॉर्म में लौट आएं। बुधवार को 46 रन से मिली जीत की बदौलत भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 3-1 की निर्णायक बढ़त ले ली है। इस तरह वह श्रीलंका के खिलाफ उसकी धरती पर पहली वनडे सीरीज जीतना सुनिश्चित कर चुका है। भारत की कोशिश होगी कि वह जीत के साथ सीरीज का समापन कर घर लौटे। भारत पांचवें वनडे में भी जीत हासिल करके मुरली-मेंडिस की स्पिन जोड़ी का दंभ रखने वाले श्रीलंका के मनोबल पर आखिरी चोट करने की कोशिश करेगा। हालांकि टीम इंडिया के लिए चिंता का एकमात्र कारण गौतम गंभीर, युवराज सिंह और रोहित शर्मा की खराब फॉर्म है। उम्मीद है कि कल के जश्न में वह भी अपने बल्ले से सहयोग देंगे। क्योंकि इस मैच की हार जीत का कोई असर नहीं पड़ना है। इसलिए भारतीय थिंक टैंक इस मैच में टीम स्ांरचना में बदलाव कर सकता है। लय में नहीं चल रहे खिलाड़ियों को अंतिम ग्यारह में जगह दी जा सकती है ताकि वह अपनी खराब फॉर्म से उबर सकें। यह समस्या गेंदबाजों को लेकर नहीं है जिन्होंने पूरी सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जहीर खान, मुनाफ पटेल और हरभजन सिंह कल एक बार फिर सही मौके पर चमके। इनकी सधी हुई गेंदबाजी के सामने मेजबान टीम कभी मुकाबले में लौटती नहीं दिखाई दी। गेंदबाजी के अलावा टीम इंडिया का क्षेत्ररक्षण भी शानदार रहा। जानकारों का कहना है कि अंतिम वनडे में टॉस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इस सीरीज में धोनी और आकर्षक बल्लेबाज सुरेश रैना की अगुआई में भारत की बल्लेबाजी लगभग पटरी पर आ चुकी है। बुखार से उठकर बुधवार को मैदान में उतरे धोनी ने सीरीज में एक और संकटमोचक पारी खेलकर लगातार दूसरा अर्धशतक जमाया था जबकि उनके नक्शेकदम पर चलते हुए रैना ने भी लगातार दूसरी हॉफ सेंचुरी बनाई। विराट कोहली और गंभीर की नई ओपनिंग जोड़ी हालांकि तेज शुरुआत नहीं दे पा रही है मगर नई गेंद से विकेट लेने के श्रीलंकाई प्रयासों को विफल करके वह उसके लिए काफी हद तक मुश्किलें पैदा करने में जरूर कामयाब हो रही है। उपकप्तान युवराज सिंह की नाकामी भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय है और अब इस बाएं हाथ के बल्लेबाज पर जल्द ही एक शानदार पारी खेलने का दबाव बढ़ रहा है। जबकि सुब्रह्मण्यम बद्रीनाथ के सामने खुद को साबित करने की चुनौती है। रोहित शर्मा मिलाजुला प्रदर्शन कर रहे हैं मगर उनकी प्रतिभा को देखते हुए उनसे इससे ज्यादा की उम्मीद की जाती है। सीरीज में भारत का निचला क्रम भी लगभग विफल रहा है मगर इस क्रम को पूरा करने वाले गेंदबाज अपने मुख्य काम को बेहतरीन ढंग से अंजाम दे रहे हैं। जहां तक श्रीलंका का सवाल है तो उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी बेहद मजबूत नजर आती है मगर सीरीज में ज्यादातर मौकों पर जयसूर्या और कुमार संगकारा की नाकामी का भार उसके मध्यक्रम पर कुछ ज्यादा ही बोझ डाल रहा है। कप्तान जयवर्धने जरूर रंग में नजर आ रहे हैं मगर दूसरे छोर पर अच्छा साथ नहीं मिलने की वजह से वह भी अपनी टीम की नैया पार नहीं लगा सके हैं। बल्लेबाजी और गेंदबाजी में बीच के ओवरों में पकड़ खो देना इस सीरीज में श्रीलंका की कमजोरी बनकर उभरा है। मुरली-मेंडिस की कामयाबी के सुरूर में खोई श्रीलंकाई गेंदबाजी को भारतीय बल्लेबाजों के पलटवार ने स्तब्ध कर दिया है। वनडे सीरीज में मुरली-मेंडिस की जोड़ी उतनी मारक साबित नहीं हुई है जितनी कि उससे उम्मीद की गई थी। दोनों स्पिनर ज्यादातर नाजुक मौकों पर विकेट लेने में कामयाब नहीं हो पाए हैं जिससे श्रीलंका की मुश्किलें और बढ़ गयीं। अनुभवी तेज गेंदबाज चामिंडा वास में भी अब पुरानी धार नजर नहीं आ रही है जिसका फायदा भारत को मिला है। सीरीज में अब एक ही मैच बचा है। अब देखना यह है कि श्रीलंका इसे जीतकर अपनी प्रतिष्ठा कुछ हद तक बचा पाता है या फिर भारत एक और शानदार जीत के जरिए लंका में अपने डंके की आवाज को और बुलंद करने में कामयाब रहता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नॉकआउट पंच को तैयार भारत