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तिरहुत-दरभंगा बनेंगे ग्रामीण औद्योगीकरण के केन्द्र

भारत सरकार के योजना आयोग के बिहार संबंधी विशेष कार्यदल ने कृषि और उद्योग के गठाोड़ से विकास का रोड मैप तैयार किया है। कार्यदल के अध्यक्ष एससी झा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ग्रामीण औद्योगीकरण का रोड मैप सौंपते हुए बताया है कि राज्य में कृषि उपज और स्थानीय संसाधनों पर आधारित ग्रामीण लघु उद्योगों की पर्याप्त संभावनाएं हैं।ड्ढr ड्ढr रोड मैप में तिरहुत और दरभंगा प्रमंडलों के अधिकांश जिलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें जोन-1 में रखा गया है। अध्यक्ष ने तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त जयरामलाल मीणा को रोड मैप के साथ प्रेषित पत्र में लिखा है कि बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चुनौतीपूर्ण दायित्व है। रोड मैप में मुजफ्फरपुर में धान, मक्का, गेहूं, मूंग-मसूर, लीची एवं आम की पैदावार को ध्यान में रखकर सब्जी प्रसंस्करण एवं बीड़ी उद्योग की अनुशंसा की गई है। गेहूं, मक्का एवं मसूर उगाने वाले सीतामढ़ी में मुर्गीदाना एवं हैंडलूम तथा केला, सब्जी, गेहूं, मक्का एवं मसूर उगाने वाले वैशाली तथा समस्तीपुर में फल एवं सब्जी प्रसंस्करण और टिंबर उद्योग की अनुशंसा की गई है।ड्ढr ड्ढr बड़े पैमाने पर धान एवं गन्ना उगाने वाले पश्चिम चम्पारण में चीनी एवं चावल मिल तथा जूट एवं मसूर उगाने वाले ‘बासमती चावल के घर’ मोतिहारी में चीनी मिल की अनुशंसा की गई है। धान, मछली एवं मखाना के लिए मशहूर दरभंगा में मछली एवं मखाना आधारित इकाई तथा मधुबनी में हैंडलूम उद्योग की सलाह दी गई है। इनके अलावा जोन-1 में सीवान, सारण एवं गोपालगंज जिले भी शामिल हैं। रोड मैप में मेटल प्रोडक्ट इंडस्ट्री तथा पेट्रो-केमिकल के बाई प्रोडक्टों पर आधारित उद्योग लगाने की भी अनुशंसा की गई है।

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