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बिहार : बाढ़ की स्थिति और बिगड़ी

बिहार में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से राज्य में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है। इधर, कोसी नदी अब मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया और फारबिसगंज के नए क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले रही है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार अब तक बाढ़ में 20 लाख लोग फंसे हुए हैं। सेना की मदद से अब तक डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। पूर्णिया जिले के बीकोठी, बनमनखी, रूपौली और धमदाहा प्रखंडों में कोसी का कहर जारी है। जलस्तर में वृ िसे बीकोठी की ढीबराधनी, भनसारा व लतहारा पंचायतों में कई लोग प्रभावित हैं। बनमनखी-मुरलीगंज सीमा पर चैनपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-107 का आधा हिस्सा पानी में बह गया है। अररिया के नरपतगंज प्रखंड के कई नए गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सुपौल जिले के वीरपुर, बलुआ, छातापुर, त्रिवेणीगंज के इलाके में पानी का दबाव बढ़ा है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव आरके सिंह ने बताया कि उन्हें खबर मिली है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में निजी नाव वाले लोगों को बाहर निकालने की एवज में दो-तीन हजार रुपए ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी नावों को जब्त किया जाएगा। सिंह ने बताया कि प्रभावित इलाकों में 234 नावें और 50 से अधिक मोटरबोट चल रही हैं तथा 250 नाव और भेज दी गई हैं। उन्होंने कहा कि सेना की एक-एक टुकड़ी अररिया, सुपौल और मधेपुरा में लगी हुई है और हेलीकाप्टर के जरिए अब तक 23 हजार खाने के पॉकेट गिराए जा चुके हैं। उधर, जलसंसाधन विभाग, मोतिहारी के मुख्य अभियंता श्यामनंदन प्रसाद ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान नेपाल के पाखरा और भैरहवां में लगातार बारिश होने के कारण वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पिछले 24 घंटे में दो लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है।

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