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जम्मू में तीन से 50 हचाार रुपये कर्चामाफी के आदेश

एक कहावत है कि अशर्फियां लुटा देंगे, लेकिन कोयले पर मुहर लगाएंगे। यह कहावत जम्मू रूरल बैंक पर खरी उतरती है। शुक्रवार को दिए एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने छोटे र्का माफ करने के बजाए भारी खर्च कर सुप्रीम कोर्ट तक आने पर जम्मू रूरल बैंक की आलोचना की और कहा कि वह छोटे व्यवसाइयों और पशु पालकों को दिए तीन हाार से 50 हाार रुपये तक के लोन माफ कर दे। ड्ढr जस्टिस पी सथाशिवम और आफताब आलम की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि राज्य में जारी आतंकवाद के कारण छोटे र्कादार लोन चुकाने में अक्षम हैं इसलिए उनका लोन माफ कर दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि दुख की बात है कि इतने छोटे र्का माफ करने के बजाए बैंक ने हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक आने मेंोरी खर्च किया। आश्चर्य की बात यह है कि बैंक के पास यह विकल्प भी था कि माफ किए जाने वाले लोन को वह सरकार के खजाने से पूर्ति कर ले। लेकिन बैंक ने इस विकल्प का इस्तेमाल नहीं किया।

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  • Web Title: जम्मू में तीन से 50 हचाार रुपये कर्चामाफी के आदेश