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ओटी देकर चंदा वसूल रहा सीसीएल

सीसीएल के रारप्पा क्षेत्र प्रबंधन कामगारों को ओवरटाइम देकर वेतन से पूजा के नाम पर चंदा वसूल रहा है। यह काम वर्ष 02 से वहां हो रहा है। इसमें सलाना करीब 13 लाख रुपये की उगाही हो रही है। क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय) धनबाद ने वेतन से धार्मिक पूजा के नाम पर की गयी कटौती को मजदूर भुगतान अधिनियम के तहत गैर कानूनी बताया है।ड्ढr चंदा वसूली का काम वर्ष 02 से हो रहा है। पूजा से पहले उच्चाधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों की औपचारिक बैठक होती है। इसमें सभी कामगारों को संडे को डय़ूटी देने का दिन एवं चंदा लेने का निर्णय होता है। इस वर्ष 24 अगस्त को संडे दिया जा चुका है। नियमत: संडे को डय़ूटी करने पर डबल वेतन मिलता है या एक दिन की छुट्टी। यहां छुट्टी नहीं दी जाती है। वेतन का एक हिस्सा चंदा के रूप में लिया जाता है। यह 300 से लेकर 500 रुपये तक है। इसका उल्लेख भी पे स्लीप में किया जाता है। बताया जाता है कि चंदा काटने के लिए कामगारों की सहमति तक नहीं ली जाती है।ड्ढr बिहार को सहायता देने की मांग की संगठनों नेड्ढr रांची। श्रमिक संगठनों ने बिहार के बाढ़ पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग कोल इंडिया एवं सहायक कंपनी प्रबंधन से की है। सीसीएल प्रबंधन दो-तीन दिन में खाद्य सामग्री, दवा और मेडिकल टीम भेजेगा। इसकी विस्तृत रूपरखा बन रही है। कोयला मजदूर यूनियन के अध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि बिहार में प्रलय आया हुआ है। कोल इंडिया एवं सहायक कंपनियां आपदा के वक्त हमेशा पीड़ितों को सहायता देकर मिसाल पेश करती रही हैं। इस समय भी शीघ्र कदम उठाने की जरूरत है। सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के एसएन शर्मा और एसएन सिंह ने आपदा राहत कोष में काटी गयी राशि शीघ्र भेजने की मांग की। जेसीसी की बैठक बुलाकर अतिरिक्त सहायता करने का निर्णय भी लिया जा सकता है। सुधीर कुमार कर्ण ने पानी कम होने पर मेडिकल की टीम भेजने की वकालत की। द झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के नवीन कुमार झा ने कहा कि पहले झारखंड बिहार का ही अंग हुआ करता था। ऐसे में सहायता करना हमारा र्फा बनता है।

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