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नीतीश के पास न दिल है न दिमाग : राजद

राजद ने नीतीश सरकार पर कोसी बांध तोड़कर लोगों का कत्लगाह तैयार करने का आरोप लगाया है। राजद नेता एवं पूर्व जलसंसाधन मंत्री जगदानन्द ने बांध टूटने के कारण गिनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने निजी दुश्मनी दिखाते हुए मधेपुरा,सुपौल, सहरसा, अररिया एवं पूर्णिया जिले को इस हाल में पहुंचा दिया है। उन्होंने विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम 21 अगस्त को लिखा पत्र भी सार्वजनिक किया। प्रदेश अध्यक्ष अब्दुलबारी सिद्दीकी, राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता श्याम रजक, पूर्व मंत्री रविन्द्र चरण यादव एवं प्रदेश महासचिव निहोरा प्रसाद यादव के साथ आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के पास न दिल है और न दिमाग। वे दिवालिया हो गये हैं।ड्ढr ड्ढr 25 लाख की आबादी जलकैदी बन गई है, पर उनके पास भूख-प्यास से बेहाल विवश लोगों को बाहर निकालने की समझ नहीं है। जरूरत है 500 नाव और 50 हेलीकॉप्टर की पर उन्हें इसका अहसास नहीं है। न तो उन्हें ऐसे खतर का अहसास था और न ही उससे निबटने का तरीका मालूम है। श्री सिंह ने सिंचाई विभाग की बाढ़ बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि 17 अगस्त तक कहा गया कि सभी तटबंध सुरक्षित है। 18 को दोपहर में तटबंध टूटने के बाद बुलेटिन में कहा गया कि तटबंध के 12.10 एवं 12.0 किमी. के स्परों पर कई दिनों से नदी का कटाव हो रहा था, फलस्वरुप करीब 400 मीटर की लम्बाई में तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे नेपाल भू-भाग एवं वीरपुर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रहा है। उन्होंने नीतीश कुमार से सवाल किया कि सूबे के सिंचाई विभाग का लाइजनिंग अफसर जिसका स्थायी कार्यालय काठमांडू में है, उसने बांध की मरम्मत को लेकर नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क क्यों नहीं किया? नीतीश में राजनीति से ऊपर उठने का साहस नहींड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राजद ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में राजनीति से ऊपर उठने का साहस नहीं है इसलिए केन्द्र के सहयोग को चुनावी वर्ष का सहयोग कह रहे हैं। कल्पना से बड़ा यह सहयोग राज्य की जनता को दिया गया है। संवाददाता सम्मेलन में राजद के पूर्व मंत्री रविन्द्र चरण यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक बार भी मधेपुरा जिला का दौरा नहीं किया। मधेपुरा के 13 प्रखंडों में 70 किमी. की परिधि में लोग बाहर निकलने को तड़प रहे हैं पर न तो नावें है और ही सरकारी अमला। लोगों में अफरातफरी मची हुई है। 18 अगस्त को कुसहा बांध टूटा और मधेपुरा में 21 को पानी प्रवेश किया। समय पर लोगों को आगाह किया गया होता तो लाखों की आबादी जलकैदी नहीं बनती। मुरलीगंज,ड्ढr ड्ढr बिहारीगंज, उदाकिशुनगंज, कुम्हारखण्ड, शंकरपुर, सिंहेश्वर, मधेपुरा, आलमनगर समेत अन्य प्रखंडों में लोग मरने की कगार पर हैं। वहां प्रत्येक पंचायत में एक मोटर बोट एवं एक नाव की जरुरत है। वहीं राजद सांसद रामकृपाल यादव ने मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि वे अफसरशाही के चश्मे से प्रदेश को देखना बन्द करं और जनता से माफी मांगते हुए सभी दलों के कार्यकर्ताओं का सहयोग लेकर राहत कार्य चलायें।

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