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मिशनरी स्कूलों में ताले लटके रहे

उड़ीसा में ईसाई समुदाय के लोगों पर कट्टरपंथियों द्वारा हमले के विरोध में शुक्रवार को सभी मिशनरी संस्थान बंद रहे। स्कूलों में भी ताले लटके रहे। स्कूल संचालकों का कहना था कि सरकार का ध्यान इस समस्या की तरफ आकृष्ट कराने के लिए पूर देश में इस तरह का विरोध प्रदर्शन हुआ। राजधानी के सभी मिशनरी स्कूलों में आज शिक्षण कार्य नहीं चला। पटना वीमेंस कॉलेज में भी कक्षाएं नहीं हुई। वहीं प्रतिष्ठित मिशनरी स्कूलों में पूर्व से ही छात्रों को छुट्टी की सूचना दे दी गयी थी। संत जेवियर स्कूल, संत माइकल स्कूल, डॉन बास्को एकेडमी, संत डॉमिनिक सेवियो स्कूल, नॉट्रेडम एकेडमी, संत जोसेफ कॉन्वेंट, क्राइस्ट चर्च स्कूल समेत सभी स्कूलों में पढ़ाई नहीं हुई। डॉन बॉस्को एकेडमी के ए. रोरियो ने कहा कि संविधान के मूल अधिकार में सभी को समानता मिली हुई है। फिर उपद्रवी व कट्टरपंथी हमेशा ईसाइयों को अपना निशाना क्यों बनाते हैं। इस समुदाय की विशेषता सरलता रही है और इसका नाजायज फायदा उठाया जा रहा है। हमने सांकेतिक रूप से सरकार को बताया है कि अगर हम पर हमले हुए तो हम भी अपनी आवाज बुलंद करंगे। उड़ीसा में जिसने गलती की उसे तो पकड़ा नहीं जा रहा और शांतिप्रिय कौम को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस घटना के विरोध में सभी ईसाई संस्थानों को संयुक्त ईसाई मोर्चा के आह्वान पर बंद रखा गया था। बंद में वीएमसीए, क्रिश्चियन माइनॉरिटी एजुकेशनल सोसाइटी व स्वास्थ्य संस्थान भी शामिल हुए।

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