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20 लाख की आबादी पी रही मीठा जहर

राजधानी का पेयजल आपकी प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकता है। आपको भले हैरत हो लेकिन महावीर कैंसर संस्थान की एक जांच रिपोर्ट का यही निष्कर्ष है। दरअसल राजधानी की लगभग 20 लाख की आबादी पानी के रूप में मीठा जहर पी रही है। इसे पीकर हाारों लोग किडनी के संक्रमण और कैंसर सहित कई भयानक रोगों से ग्रसित हो रहे हैं। इस बात का खुलासा महावीर कैंसर संस्थान के शोध विभाग ने किया है। शोध के दौरान कई चौंकानेवाले तथ्य सामने आये हैं। इससे पता चला है कि कई हानिकारक तत्व पानी में सामान्य से ज्यादा मात्रा में उपस्थित हैं। विभाग की प्रभारी डा. अखिलेश्वरी नाथ ने भी स्वीकार किया है कि पटना का पानी जहरीला हो चुका है।ड्ढr ड्ढr शोध (महावीर कैंसर संस्थान) की प्रभारी डा. नाथ ने कुछ माह के अथक प्रयास के बाद यह ढूंढ़ निकाला है कि अब पटना का पानी पीने योग्य नहीं रहा। पटना के सन्दलपुर, दानापुर के पीपा पुल के आसपास एवं कई जगहों का पानी, मिट्टी की जांच के बाद यह पाया गया कि इसमें अल्फा हेक्सा क्लोरो हेक्सीन की मात्रा लगभग 2 पार्ट प्रति मिलियम, बीटा हेक्सा क्लोरो हेक्सीन की मात्रा लगभग 1.2, एलडीन की मात्रा लगभग 3.646 एवं डीडीई की मात्रा लगभग 0.035 है।ड्ढr ड्ढr डा. नाथ के अनुसार इससे किडनी का संक्रमण, कैंसर, लीवर की बीमारियों के अलावा पुरुषों में नपुंसकता का बढ़ना, लड़कियों का मासिक चक्र में परिवर्तन आम है। उन्होंने बताया कि खेतों में अनाज ज्यादा पैदा करने एवं जल्द पैदा करने की ललक में हमने मिट्टी और पानी को जहरीला बना दिया है। आज यही मिट्टी, पानी हमार लिए जहर बन गया है। इससे बचने के उपाय के लिए भी कई शोध किये जा रहे हैं।

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