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दागी अधिकारियों के मामले में सरकार ने समय मांगा

राज्य के दागी अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन और प्राथमिकी दर्ज नहीं कराये जाने के मामले में सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की है। सिटीांस कॉज की जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इन अधिकारियों के संबंध में संबंधित विभागों से जानकारी मांगी गयी है। चुनाव के कारण इसमें विलंब हो रहा है। जानकारी प्राप्त कर सरकार जवाब दाखिल करेगी। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को तीन सप्ताह का समय देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।ड्ढr सिटीांस कॉज की ओर से कहा गया कि राज्य में विभिन्न विभागों में अनियमितता बरती गयी है। इसकी जांच भी की गयी है। निगरानी विभाग ने जांच के बाद कई अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन चलाने और प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक ये मामले सरकार के पास लंबित हैं और सरकार की ओर से मंजूरी प्रदान नहीं की गयी है, जबकि निगरानी विभाग द्वारा संबंधित विभागों के पास कई बार रिमाइंडर भी दिया गया है।निगरानी ब्यूरो को जिनके खिलाफ नहीं मिली मंजूरीड्ढr आरोपनामड्ढr स्वास्थ्य विभाग में दवा घोटालाडॉ योगेंद्र प्रसाद सिन्हा व अन्यड्ढr डॉ रामलखन राक व अन्यड्ढr डॉ एच राम, डॉ महेंद्र साहू व अन्यड्ढr डॉ शिव शंकर विरूआ व अन्यड्ढr डॉ रमेश प्रसाद व अन्यड्ढr डॉ लल्लू चौधरी व अन्यड्ढr डॉ उर्मिला चौधरी व अन्यड्ढr डॉ प्रभुनंदन प्रसाद व अन्यड्ढr मध्याह्न भोजन में घोटालागोरखनाथ पांडेय, पृथ्वी पांडेय,ड्ढr सुरंद्र राम, राजेंद्र राम, श्याम बिहारी राम,चंद्रावती देवी, पुष्पा देवीड्ढr केंदु पत्ता संग्रहण में घोटालासुभान अहमद, राम प्रसाद सिंहड्ढr गणेश प्रसाद यादवड्ढr सरकारी राशि का गबनशंभु दयाल सिंहड्ढr पद का दुरुपयोग करनाआलोक गोयल, आइएएस

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