DA Image
30 मार्च, 2020|7:03|IST

अगली स्टोरी

चिदंबरम ने बताया सिर ऊंचा रखने का तरीका

चिदंबरम ने बताया सिर ऊंचा रखने का तरीका

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एक बार फिर लोगों से अपनी सही आय की जानकारी देते हुये उसके हिसाब से उचित कर भुगतान करने की अपील की है। चिदंबरम ने कहा कि बजट में एक करोड़ से अधिक कमाई करने वाले 42,800 लोगों पर ही कर का अतिरिक्त बोझ डाला गया है।

उन्होंने कहा कि इस बारे में ज्यादा कुछ कहने की आवश्यकता नहीं, केवल 42,800 व्यक्ति ही हैं जिन्होंने प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक कर योग्य आय बताई है। लोगों को अपनी सही आय का ब्यौरा देना चाहिये। वित्त मंत्री ने कहा जल्द ही 40,000 और कर नोटिस जारी किये जायेंगे।

चिदंबरम ने लोगों से अपील है कि वे अपनी सही कमाई की जानकारी दें, उसके अनुरूप उचित कर का भुगतान करें और सम्मान के साथ सिर ऊंचा रखें। किसी को भी अपनी सही कमाई बताने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिये, हर किसी को उचित व्यवहार करते हुये कर भुगतान करना चाहिये। सरकार अपनी तरफ से कर प्रशासन को सुसंगत और न्यायपूर्ण बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

वोडाफोन कर मामले में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि कंपनी के साथ एक बार मामले के निपटान पर सहमति बनने के बाद ही सरकार संसद में प्रस्ताव लेकर जायेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के साथ कर मामले के समाधान पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही संसद में संबंधित कानून में बदलाव के बारे में संशोधन प्रस्ताव लाया जाएगा।

उन्होंने मॉरीशस के साथ कर संधि में बदलाव के बारे में बने भ्रम को भी दूर किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस संधि में एकतरफा बदलाव नहीं कर सकती। चिदंबरम ने कहा कि जिस किसी ने भी इस भ्रम को फैलाया है उसे इस बारे में पहले हमसे बात करनी चाहिये थी।

चिदंबरम ने साथ ही स्पष्ट किया कि बजट में घोषित निवेश प्रोत्साहन खासतौर पर विनिर्माण क्षेत्र पर केन्द्रित है और इसमें सयंत्र एवं मशीनरी पर निवेश करने पर ही प्रोत्साहन उपलब्ध होगा। एसयूवी पर उत्पाद शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग को करीब-करीब खारिज करते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि इससे इस वाहन की मांग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वाहनों की मांग घटने की असली वजह ब्याज दरों का ऊंचा होना है और इसके लिये रिजर्व बैंक उचित कदम उठा रहा है।

बजट पेश होने के बाद देश के तीनों प्रमुख वाणिज्य एवं उद्योग मंडलों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुये चिदंबरम ने कहा कि सभी मुद्दों और घोषणाओं को बजट भाषण में शामिल नहीं किया जा सकता, इसलिये बजट चर्चा के बाद जवाब देते समय कुछ और घोषणायें और निर्णय घोषित किये जा सकते हैं। वित्त मंत्री ने उद्योगपतियों को अप्रत्यक्ष करों के बारे में दिये उनके विभिन्न सुझावों पर गौर करने का भी आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि हम अप्रत्यक्ष करों से संबंधित सभी सुझावों पर गौर करेंगे और इस बारे में संसद में घोषणा की जायेगी। मेरे पास मार्च का पूरा महीना इन सुक्षावों को देखने के लिये है, हम फैसला करेंगे और इस बारे में संसद में बजट चर्चा का जवाब देते समय घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा बजट में कई घोषणायें ऐसी होती है जिन्हें अमल में लाने के लिये कानून में संशोधन करना होता है जबकि कुछ घोषणाओं पर केवल सरकारी आदेश की आवश्यकता ही होती है।

चिदंबरम ने यह भी कहा कि कर रिफंड रोके रखने का वित्त मंत्रालय का कोई इरादा नहीं है। सरकार चाहती है कि रिफंड राशि जल्द से जल्द करदाताओं के खाते में पहुंचे। उन्होंने कहा पिछले साल फरवरी तक 84,000 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किये गये इस साल फरवरी तक 69,000 करोड़ के रिफंड जारी किये गये, रिफंड रोके रखने का हमारा कोई इरादा नहीं। उन्होंने कहा कि पिछले साल पुराना बकाया भी था। उसका निपटान करने की वजह से रिफंड ज्यादा हुआ।

उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार के कर प्रशासन को सुगम बनाने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि हर बार करदाता का बोझ हल्का करने की बात होती है, लेकिन अमल में नहीं दिखाई देता। चिदंबरम ने कहा कि बैंगलुरु में केन्द्रीय कर निपटान केन्द्र और गाजियाबाद वैशाली में कंप्यूटरीकृत टीडीएस निपटान केन्द्र स्थापित होने के बाद इस दिशा में बेहतर प्रयास किये गये हैं। इन केन्द्रों पर कर रिटर्न की जांच पड़ताल आधुनिक प्रौद्योगिकी के जरिये की जा रही है। इनमें अब करदाता और कर अधिकारी को आमने-सामने आने की आवश्यकता नहीं रही गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में कंप्यूटरीकृत आयकर केन्द्रों पर काम शुए होने के बाद 98 प्रतिशत करदाताआओं के कर निर्धारण का त्वरित निदान हो जायेगा और उन्हें अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:चिदंबरम ने बताया सिर ऊंचा रखने का तरीका