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सेना के तीनों अंगों ने संभाला मोर्चा

नेपाल से रविवार की सुबह 1 लाख 72 हाार 5 सौ क्यूसेक पानी डिस्चार्च होने से समूचे कोसी क्षेत्र में कोहराम मच गया है। पानी लगातार मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, सहरसा, फारबिसगंज और कटिहार के नए इलाकों में भरता जा रहा है। रविवार को फारबिसगंज शहर में पानी घुसने से सैकड़ों घर जलमग्न हो गये। अररिया शहर पर भी खतरा मंडराने लगा है। वहीं मधेपुरा में तबाही मचाने के बाद कोसी ने सहरसा जिले के कई और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। रविवार को जिले के सौर बाजार प्रखंड के कई नये इलाके में पानी फैलने के बाद हड़कंप मच गया। सोनवर्षा-सहरसा स्टेट हाईवे पर पानी चढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना के तीनों अंगों ने रविवार को मोर्चा संभाल लिया। सेना के 14 और कॉलम और नौ सेना के तीन कॉलम को बचाव कार्य के लिए लगा दिया गया। राहत कार्य में मदद के लिए सेना का विमान गजराज रविवार को पटना एयरपोर्ट पर पहुंचा। इससे 14 कॉलम सेना, दस नौकाएं, पानी टंकी समेत अन्य राहत सामग्री उतरी।ड्ढr ड्ढr सरकार ने उन इलाकों में फंसे बाढ़पीड़ितों को प्राथमिकता के तौर पर निकालने की रणनीति बनायी है जिसकी सूची ‘हिन्दुस्तान हेल्प डेस्क’ ने पीड़ितों और उनके परिजनों द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचनाओं के आधार पर सरकार को सौंपी है। इस बीच भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में राजग का एक प्रतिनिधिमंडल 2 सितंबर को कोसी के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करगा। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी.जे.अब्दुल कलाम भी विशेषज्ञों की टीम के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करंगे। रविवार को मुख्यमंत्री ने भी शीर्ष अधिकारियों के साथ राहत और बचाव कार्यो की समीक्षा की। उधर रलमंत्री लालू प्रसाद ने रविवार को मधेपुरा के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों की सहायता के लिए एक हाार करोड़ रुपये रलवे द्वारा दिये जाने की घोषणा की। सहरसा-मधेपुरा रलखंड पर अब तक आवागमन चालू है जो पानी के बढ़ते दबाव के कारण कभी भी बंद हो सकता है। पूर्णिया में बायसी अनुमंडल में भी पानी घुस गया है। बनमनखी के कचहरी-बलुआ गांव में एक वृद्ध महिला व उसकी नतिनी की मौत हो गयी। पूर्णिया-बनमनखी रलखंड पर सरसी के समीप पटरी के नीचे से पानी बहने लगा है। सुपौल के छातापुर, बलुआ बाजार, त्रिवेणीगंज में फंसे लोगों को निकालने में प्रशासन अभी तक विफल रहा है। नाव के अभाव में त्रिवेणीगंज, हरिहरपट्टी की सुराी देवी की मौत हो गयी। दूसरी ओर गंडक, कमला और बागमती भी अब कहर बरपाने लगी है। गंडक चम्पारण में कोहराम मचा रही है, तो कमला मधुबनी में। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना व अस्पताल परिसर में पानी घुस गया है। गोपालगंज में सल्लेहपुर टंडसपुर छरकी तेजी से कट रहा है, जिससे मुख्य तटबंध पर खतरा उत्पन्न हो गया है। दूसरी ओर केंद्र ने कुछ और राहत उपाय किए हैं। सेना के 15 और कालम (प्रति कॉलम 125 जवान) भेजे गए हैं। साथ ही चार और हेलीकाप्टर तैनात किए गए हैं। गृह मंत्रालय में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति ने राहत इंतजामों की समीक्षा की। जल्दी ही 10 और सेटेलाइट फोन भेजे जाएंगे। इसके अलावा एक विशेष ट्रेन के जरिये रविवार को पानी की चार लाख बोतलें,18 टन प्लास्टिक सीट भेजी गई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर आयुक्त प्रत्यय अमृत ने बताया कि पहले से सेना के 5 कॉलम बचाव कार्य में लगे हुए हैं।ं

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