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वेतन समझौते की अवधि तय नहीं : बागड़ोदिया

ेंद्रीय कोयला राज्यमंत्री संतोष बागड़ोदिया ने कहा कि कामगारों के वेतन समझौते का समय तय नहीं है। मंत्रालय दस साल का समझौता चाहता है, कुछ कामगार पांच साल का चाहते हैं। बातचीत चल रही है। इस मुद्दे पर 11 और 12 सितंबर को जेबीसीसीआइ की बैठक होनी है। जल्द ही हल निकल आने की उम्मीद है। वह 31 अगस्त को प्रेस से बातचीत कर रहे थे।कोय्ल इंडिया की नौकरी छोड़कर कई अधिकारी निजी कंपनी में जा रहे हैं, इस पर कोयला मंत्रालय क्या सोचता है? इस सवाल पर श्री बागड़ोदिया ने कहा कि किसी भी नागरिक को कहीं भी काम करने की आजादी है। पॉलिसी के तहत यहां के अधिकारी को वेतन और सुविधाएं दी जा रही हैं। किसी के छोड़ के जाने से उत्पादन में कोई कमी नहीं आयी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसी भी कंपनी में जाने के लिए स्वतंत्र हैं। उनके जाने से कोल इंडिया को कोई नुकसान नहीं हो रहा है।ड्ढr मंत्री ने कहा कि कोल इंडिया के लिए कर्मियों की सुरक्षा बेहद महत्वूपर्ण है। इसके लिए काफी बजट है। सेफ्टी पॉलिसी और उपकरण के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोयले की कमी नहीं है। परिवहन की कुछ समस्या अवश्य है। फॉरस्ट क्लीयरंस पर भी संबंधित मंत्रालय से बात हुई है। देश में ऊरा का मुख्य स्रेत कोयला है। बिजली के हिसाब से 11वीं पंचवर्षीय योजना में कोयले का उत्पादन दोगुणा करना होगा।ड्ढr गुणवत्ता बढ़ाने का निर्णयड्ढr राज्यमंत्री संतोष बागड़ोदिया ने कहा कि कोयले की गुणवत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शत प्रतिशत कोयले की आपूर्ति वाशरी के माध्यम से होगी। उन्होंने माना कि नयी परियोजनाएं खोलने या पहले से चल रही परियोजनाओं के विस्तार में भूमि अधिग्रहण बड़ी समस्या है। सरकारी कंपनी होने के कारण कोल इंडिया बाजार दर पर इसकी खरीद नहीं कर सकता है। व्यक्ितगत रूप से वह चाहते हैं कि गरीब व्यक्ित को बाजार दर पर पैसा मिले। वैसे भी नियम-कानून के दायर में रहते हुए अधिकतम राशि देने की बात हुई है।

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