अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

..नहीं तो बदल जाती सूरत

टाइमर सही नहीं था, नहीं तो राजधानी की सूरत बदल जाती। 31 अगस्त की शाम कडरु चौक के पास स्थित बीग बाजार में किसी ने टाइमर बम रख दी थी। सिर्फ सर्किट पूरा करने की जरूरत थी। एक केन में अमोनियम नाइटट्र और बारूद रखा था। घड़ी भी लगी थी। उसमें केवल अंतर एएम और पीएम का था। समय भी सटीक था। उस समय बाजार में काफी भीड़ होती है। दुकान के अंदर एक व्यक्ित गया और गुटखा फेंकने के लिए जैसे ही मुड़ा कि उसे टिक-टिक की आवाज सुनाई दी। उसी ने सबसे पहले उस बम को देखा। उस समय करीब शाम के सात बज रहे थे। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गयी। रांची पुलिस ने उस समय हाथ खड़े कर दिये जब उसे पता चला कि यह टाइमर बम है। राजधानी पुलिस के पास बम डिस्पोजल दस्ता नहीं है, जो बम को निष्क्रिय कर सके। हजारीबाग से टीम बुलायी गयी और उसी ने उसे धमाका कर निष्क्रिय किया। रात के करीब 11 बजे सबकुछ शांत हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि घड़ी की टाइम सही नहीं थी और न ही सर्किट पूरा करने के लिए वहां कोई था। कोई भी व्यक्त यदि स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट पूरा कर देता तो उस इलाके की सूरत ही बदल जाती।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ..नहीं तो बदल जाती सूरत