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शुक्रिया-मेरे परिचान सकुशल बाहर आ गए

बाढ़पीड़ितों और सरकार के बीच सेतु बने ‘हिन्दुस्तान’ हेल्प डेस्क ने मंगलवार को सिलीगुड़ी के बागडोगरा में जयंत कुमार चौधरी से जब संपर्क साधा तो वे रोमांचित थे। उनकी पहली प्रतिक्रिया थी-‘हिन्दुस्तान’ का जवाब नहीं’। श्री चौधरी ने 30 अगस्त को डेस्क को सूचना दी थी कि उनके परिजन मधेपुरा के बिहारीगंज प्रखण्ड के बेलाही गांव में फंसे हैं। सूचना मिलते ही डेस्क ने आपदा प्रबंधन के अधिकारियों और कंट्रोल रूम से संपर्क साधा।ड्ढr ड्ढr श्री चौधरी के मुताबिक सरकारी बोट उनके परिजनों तक पहुंच चुका था और 31 अगस्त को उन्हें सकुशल निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि डेस्क का फोन आने पर वे इस कदर अभिभूत हैं कि व्यक्त नहीं कर सकते। मंगलवार को कॉलबैक करने पर कई लोगों के परिजनों ने डेस्क को सूचना दी कि उनके परिजन अब सकुशल बाहर आ चुके हैं। कृष्ण भूषण दास ने बताया कि सुपौल के कुशहरमाल गांव से उनके परिवार के सदस्यों के अलावा 4-5 सौ लोग निकाले जा चुके हैं।

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