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खूंटी में थानेदार की हत्या

खूंटी के गायत्रीनगर में भीड़ में घिर दुस्साहसी अपराधियों ने सरंडर का स्वांग कर थानेदार कंचन कुमार और एक ग्रामीण भगतू महतो को गोली मार दी। इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान दोनों की मौत हो गयी। इधर गुस्साये ग्रामीणों ने घटना को अंजाम देने वाले दोनों अपराधियों को पीट-पीटकर मार डाला। घटना मंगलवार शाम की है। विरोध में लोगों ने बुधवार को खूंटी बंद की घोषणा की है।ड्ढr बताते चलें कि कुछ दिन पहले अपराधियों ने बिरहू के भगतू महतो को पीटकर घायल कर दिया था। मंगलवार को ये अपराधी खूंटी-रांची मार्ग पर पतराटोली के पास देखे गये। ग्रामीणों को पता चला, तो उन्होंने दोनों को घेर लिया। इसपर अपराधी पिस्तौल लहराने लगे। तब ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि अपराधी हथियार लहराते हुए उन्हें धमका रहे हैं। थाना प्रभारी कंचन कुमार पुलिस के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ एसआइ अजय सिंह और जेएसआइ नागेश्वर प्रसाद सिंह भी थे। पुलिस को देखते ही अपराधी खेत की ओर भागने लगे। भीड़ और पुलिस ने पीछा किया तो अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलायी। अपराधी जब घिर गये, तो हाथ उठाकर सरंडर की मुद्रा में आ गये। उन्होंने पिस्तौल भी जमीन पर रख दी, लेकिन पुलिस जसे ही पास पहुंची, उनमें से एक ने पिस्तौल उठाकर चला दी। पहली गोली ग्रामीण भगतू महतो को, जबकि दूसरी थाना प्रभारी कंचन कुमार के पेट में लगी। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने भगतू को मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी को रांची भेजा गया, लेकिन उनकी भी मौत रास्ते में ही हो गयी।ड्ढr इधर गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों अपराधियों को पीट-पीटकर मार डाला। मार गये अपराधियों की शिनाख्त नहीं हो पायी है। इधर, खबर पाकर खूंटी के डीसी एसएस मीणा, एसडीओ डीबी सिंह अस्पताल पहुंचे, जबकि खूंटी के एसपी प्रभात कुमार और अशोक कुमार राय रिम्स के लिए रवाना हुए। ग्रामीणों ने डीसी से मांग की कि मृत ग्रामीण और थानेदार को शहीद का दर्जा दिया जाये।ड्ढr तीज के दिन ही उाड़ गया सुषमा का सुहागड्ढr अपनी दिलेरी के लिए पहचाने जाते थे थानेदार कंचन कुमार

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  • Web Title: खूंटी में थानेदार की हत्या