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सिंगूर विवाद : समाधान के लिए बातचीत जरूरी

पश्चिम बंगाल में टाटा की छोटी कार नैनो के निर्माण की परियोजना के आसपास बुधवार को एक किसान के कथित तौर पर आत्महत्या करने, हिंसक झड़प होने और पुलिस लाठीचार्ज की घटना के बीच सिंगूर विवाद का हल बातचीत के जरिए निकाले जाने पर जोर दिया जा रहा है। इस मुद्दे पर देश के कई उद्योगों ने टाटा मोटर्स का साथ देने की घोषणा की है। केंद्रीय भारी उद्योग राय मंत्री रघुनाथ झा ने बुधवार को कहा कि सिंगूर विवाद को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को सिंगूर विवाद को हर हाल में बातचीत के जरिए निपटाना चाहिए। उन्होंने कहा इस मुद्दे से जुड़े सभी पक्षों को बातचीत और शांतिपूर्ण ढंग से विवाद को सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि टाटा वहां से अपनी फैक्ट्री को कहीं अन्य जगह ले जाते हैं तो इससे राय को भारी आर्थिक क्षति होगी। उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स के नई जगह जाने से न सिर्फ देशी निवेशक परेशान होंगे बल्कि विदेशी निवेशक भी राय में निवेश करने से पहले कई बार सोचने को मजबूर होंगे। टाटा की छोटी कार नैनो को आटो उपकरण उपलब्ध कराने वाली कंपनी सोना कोयो स्टीरिंग सिस्टम ने कहा है कि कंपनी टाटा मोटर्स के साथ है और यदि नैनो का कारखाना कहीं अन्य जगह स्थानांतरित किया जाता है तो सोना कोया भी टाटा के साथ नई जगह से उत्पादन शुरु कर देगी। कंपनी के उपाध्यक्ष संजय कपूर ने कहा कि वह सिंगूर मामले में टाटा मोटर्स के साथ हैं और जब तक नैनो का कारखाना सिंगूर में है तब तक उनकी कंपनी भी वहीं से अपना काम करेगी लेकिन नैनो का कारखाना कहीं अन्य जगह जाता है तो उनकी कंपनी भी उसी के साथ दूसरी जगह से निर्माण कार्य शुरु कर देगी। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने सिंगूर में 27 करोड़ रुपए का निवेश किया है और उन्हें उम्मीद है कि सिंगूर विवाद जल्द सुलझ जाएगा। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा कि सिंगूर विवाद के कारण टाटा मोटर्स यदि संयंत्र को कहीं अन्य जगह स्थापित करने का निर्णय लेते हैं तो यह देश की वैश्विक छवि पर धब्बा होगा और औद्योगिकीकण की दिशा में एक बड़ा संकट होगा। परिसंघ ने कहा कि सिंगूर में नैनो के संयंत्र में कार्य स्थगित किया जाना ही दुर्भाग्यपूण स्थिति है। यह देश केऔद्योगिकीकरण की दिशा में बड़ा रोडा है और इससे देश के औद्योगिक विकास की छवि विश्व स्तर पर प्रभावित हुई है। टाटा समूह के अध्यक्ष की धैर्य की प्रशंसा करते हुए सीआईआई ने कहा कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बहुत सुलझा हुआ कदम उठाया है। परिसंघ को उम्मीद है कि सिंगूर विवाद जल्द ही थम जाएगा और टाटा की नैनो कार का सिंगूर से ही उत्पादन होगा। वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने सिंगूर विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि टाटा मोटर को परियोजना को अन्य जगह स्थानांतरित करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। कंपनी के अध्यक्ष पवन गोयंका ने बुधवार को कहा कि उनकी कंपनी इस विवाद में टाटा के साथ है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना औद्योगिक विकास के लिहाज से उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स का पश्चिमी बंगाल से अपनी नैनो कार के संयंत्र को हटाने की बात निश्चितरूप से उद्योग जगत की बड़ी घटना है और इस घटना के बाद राय में निवेश की प्रक्रिया प्रभावित होगी। नैनो के लिए लाक किट्स की आपूर्ति करने वाले संधार टेक्नोलॉजी लिमिटेड को उम्मीद है कि सिंगूर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल आएगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक तथा उपाध्यक्ष जयंत दावर ने पत्रकारों को बताया कि यदि टाटा मोटर्स सिंगूर से बाहर जाता है तो यह देश के सम्मान के लिए बड़ा धक्का होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस संकट का शांतिपूर्ण हल निकलेगा।

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