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सुप्रीम कोर्ट में पंचायत चुनाव पर हुई सुनवाई

झारखंड में पंचायत चुनाव के लंबित मामले पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के जी बालाकृष्णन के समक्ष भारत सरकार के एसिस्टेंट सोलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम एवं राज्य सरकार के वकील मनीष शरण ने क्रमश: केंद्र एवं राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि झारखंड में अब तक पंचायत चुनाव नहीं होने से विकास कार्य बाधित हो रहा है। नक्सली गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। केंद्र से पंचायतों को मिलने वाली विकास राशि नहीं मिल रही है। 12वें वित्त आयोग से मिलनेवाली राशि से भी राज्य वंचित रहा है। इसलिए पंचायत चुनाव पर फैसला अविलंब होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने वकीलों की दलील सुनने के बाद पंचायत चुनाव में विलंब का कारण जानना चाहा। उन्होंने स्वीकारा कि पंचायत चुनाव नहीं होने से राज्य का विकास बाधित हो रहा है।ड्ढr मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश श्री बालाकृष्णन ने कहा कि इस मुद्दे पर 16 सितंबर को पुन: सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान झारख्ांड सरकार के पंचायत सचिव एसके सतपथी, निदेशक सत्येंद्र सिंह एवं राज्य निर्वाचन आयुक्त एमके मंडल भी उपस्थित थे। अपोलो प्रबंधन, डॉक्टरों को नोटिसरांची। राज्य उपभोक्ता फोरम ने अपोलो अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सक डॉ पीएन सिंह, डॉ पीआर प्रसाद को नोटिस जारी किया है। पूर्व आइएएस चिंतू नायक के पुत्र प्रमोद नायक ने फोरम में शिकायत वाद दायर करते हुए 0 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि अपोलो प्रबंधन की लापरवाही एवं गलत इलाज से उनके पिता की मौत हुई थी। फोरम ने मुआवजे के दावा की जांच की और नोटिस जारी किया।

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