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नो वर्क नो पे के फरमान पर उबले हड़ताली

सचिवालय सेवा संघ ने काम पर लौटने की सरकार की अपील को ठुकरा दिया है। संघ ने कर्मचारियों से मांगें पूरी होने तक हड़ताल पर डटे रहने की भी अपील की है। सरकार के ‘नो वर्क, नो पे’ के आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संघ के नेताओं ने कहा कि जायज मांगें मानने के बजाय सरकार अब अनुचित दबाव डाल रही है। जिन मांगों को सात वर्ष पहले पूरा किया जाना चाहिए, उसे फिर टालने की कोशिश हो रही है। संघ के उपाध्यक्ष सदन प्रसाद ने कहा है कि हड़ताल के लिए कहीं से भी कर्मचारी दोषी नहीं हैं। संघ ने राज्य सरकार द्वारा जारी विज्ञापन पर भी अपना पक्ष रखा है। उसमें कहा गया है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ केंद्र के अनुरूप हु-ब-हू वेतनमान, सेवा शर्त एवं अन्य सुविधा देने का समझौता है। इसके लिए संकल्प भी जारी किया जा चुका है। लेकिन जब इसपर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो हड़ताल पर जाने का निर्णय लेना पड़ा। सरकार ने तीन-तीन कमेटियां बनायीं, लेकिन उसकी रिपोर्ट लागू नहीं हुई। संघ ने कहा है कि सीएम आग्रह किया है कि वह सार्थक पहल कर ही हड़ताल समाप्त करायें तो बेहतर होगा।ब

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