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बिहार : कोसी का कहर अब भागलपुर में

बिहार के मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया तथा सहरसा जिलों में भयानक तबाही मचाने के बाद अब कोसी नदी भागलपुर जिले के निचले इलाकांे में प्रवेश कर चुकी है। जिले के एक बांध में दरार आने से कई इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उधर, सुपौल की मिरचिया नदी में नाव पलटने से तीन लोगों के लापता होने की खबर है। बुधवार को भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड के दादपुर और सिरीपुर गांव के बीच तीन माह पूर्व बने सहजा बांध में दरार आ जाने से कोसी का पानी नवगछिया अनुमंडल के निचले इलाकों में प्रवेश कर गया। इससे बिहपुर और खरीक प्रखंड के 12 गांवों में पानी प्रवेश कर चुका है। भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त अखिश्वर गिरी ने बताया कि जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता समेत बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद हैं तथा पानी रोकने के पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहजा बांध में दरार बढ़ने और पानी का बहाव ज्यादा होने से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-31 और बरौनी-गुवाहाटी रेलखंड पर खतरा हो सकता है। उधर, सुपौल जिले के प्रतापगंज एवं छातापुर प्रखंडों की सीमा पर बुधवार शाम मिरचिया नदी में नाव के पलटने से तीन लोग लापता हो गए हैं। सुपौल के जिलाधिकारी एन श्रवण कुमार ने बताया कि बाढ़ में फंसे लागों को निकालने के क्रम में मिरचिया नदी में एक नाव पलट गई थी। उन्होंने बताया कि नाव पर सवार अधिकांश लोगों को बचा लिया गया, परंतु अभी भी तीन लोग लापता हैं। उधर, कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट जारी है। हालांकि, अभी भी पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड में बाढ़ का पानी कहर बरपा रहा है। धमदाहा प्रखंड की चार पंचायतों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से लगभग चार सौ परिवार प्रभावित हुए हैं। उधर, सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड के दर्जनों गांवों में बाढ़ के पानी में हजारों लोग फंसे हुए हैं। मधेपुरा जिला के शंकरपुर, मुरलीगंज, कुमारखंड, ग्वालपाड़ा, उदाकिशुनगंज प्रखंडों से बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की सूचना मिल रही है। कटिहार जिले में कोसी के जलस्तर में सात सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है तो कुसहा में पानी घटने के बाद कोसी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे आ गई है। इधर, राज्य के आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री नीतीश मिश्र ने आईएएनएस को बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि कोसी का पानी अब कुछ घटा है तथा गांवों की पहचान नक्शे के आधार पर की जा रही है। मिश्र ने बताया कि अब तक बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जिलों से करीब छह लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत शिविरों में ढ़ाई लाख से अधिक लोग रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी त्रासदी से उबरने में थोड़ा वक्त जरूर लगेगा, लेकिन सरकार बहुत जल्द लोगों के जीवन को पटरी पर ले आएगी।

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