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हर तरफ खुशी और उत्साह

एचइसी के सेवानिवृत कर्मचारियों में एचइसी का पैकेा कैबिनेट में पास हो जाने से खुशी की लहर दौर गयी है। संघ के अध्यक्ष मुख्त्यार सिंह ने कहा कि वेतन पुनरीक्षण तथा कर्मचारियों की उम्र सीमा 60 वर्ष समेत अन्य मांगों के पास होने से एचइसी के दिन अब सुधरंगे। उन्होंने इसका सारा श्रेय एचइसी के सीएमडी जीके पिल्लई को दिया। हेवी इांीनियरिंग वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सह एचइसी संघर्ष मोरचा के नेता उमाशंकर सिंह ने एचइसी के उत्थान के लिए केंद्रीय कैबिनेट द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाने पर प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कामगारों से जो कमिटमेंट किया था, उसे पूरा किया है। हेवी इांीनियरिंग वर्कर्स यूनियन के महासचिव वीरंद्र सिंह ने इसे कामगारों के कठिन परिश्रम और सुबोधकांत सहाय के राजनीतिक प्रयास का परिणाम बताया है। हटिया मजदूर लोक मंच के महामंत्री राम कुमार नायक ने कहा कि केंद्र के फैसले से एचइसी संघर्ष मोरचा का संकल्प पूरा हुआ है। हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) के भवन सिंह ने कहा कि एचइसी का काला अध्याय समाप्त हो रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने जो फैसले लिए हैं, स्वागत योग्य हैं। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के नेता लीलाधर सिंह ने कहा कि जब वीआरएस और सीआरएस चल रहा था तो कोई नहीं जानता था कि एचइसी बंद हो जायेगा या चलेगा। आशा कम थी कि नया वेज मिलेगा और बकाया राशि भी मिलेगा। सिर्फ राणा संग्राम सिंह ही कहते रहे कि पे-रीविजन भी होगा और सेवानिवृत्त उम्र भी बढ़ेगी। एचइसी को मिले विशेष पैकेज पर एफएफपी के कर्मचारी मधुसुदन मिश्रा कहते हैं कि उनका पूरा परिवार उत्साह से भरा हुआ है। लंबित पे-रीविजन और एचइसी के रिनुअल के लिए हमार नेता राणा संग्राम सिंह और यूपीए की सरकार के प्रति अभारी हैं। अब महंगाई से लड़ सकते हैं और उत्पादन भी बढ़ायेंगे। एचएमबीपी के कामगार अखिलेश प्रसाद ने कहा कि 12 वर्षो के अथक प्रयास और परिश्रम के बाद यह सफलता मिली है। एचएमबीपी कर्मी कन्हैया सिंह और एफएफपी के कर्मचारी एसकेएस चौबे कहते हैं कि पुराने वेतनमान पर आजीविका चलाना कठिन था। विशेष कर वैसी परिस्थिति में, जब परिवार लेकर बाजार करने जाते थे और वहां सेल, सीसीएफ और मेकन के लोग मौजूद होते थे। उनके चले जाने के बाद ही हमलोग खरीददारी करते थे। उनके सामने खड़ा होना भी शर्मिदगी महसूस होती थी। एफएफपी के कर्मी कमलेश सिंह और एचएमबीपी मेन स्टोर में काम करनेवाले हृदयनारायण कहते हैं कि आज से 12 साल पुराने वेतनमान पर परिवार चलाना कठिन हो गया था। काफी अड़चनों के बाद कैबिनेट से एचइसी को नया जीवनदान मिला। एचइसी को मरते हुए देखना नहीं चाहता : राणा संग्राम सिंह रांची। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महासचिव राणा संग्राम सिंह एचइसी के लिए मिले पैकेज से आह्लादित हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन के अंतिम समय तक एचइसी और इसके कर्मचारियों के उत्थान के लिए लड़ते रहेंगे। वह नहीं चाहते कि उनके जीते-जी एचइसी दम तोड़ दें। 11 वर्षो से वह कर्मचारियों के पे-रीविजन, सेवानिवृत्त की उम्र 58 से 60 करने, एचइसी के रिवाइवल के लिए विशेष पैकेज और बैंक गारंटी सहित पांच मांगों के लिए संघर्ष करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बगैर किसी बाहरी मदद के एचइसी पिछले दो साल से लाभ की स्थिति में है। इसे एचइसीकर्मियों ने ही इस स्थिति तक पहुंचाया है।वर्षो पुराना मिशन पूराड्ढr हुआ : सुबोधकांत सहायरांची। केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि एचइसी के मुद्दे पर केंद्रीय कैबिनेट के फैसले से उनका वर्षो पुराना मिशन पूरा हुआ। कंपनी अपनी खोई प्रतिष्ठा पुन: हासिल कर पायेगी। गणेश चतुर्थी पर एचइसीकर्मियों को खुशहाली और समृद्धि का तोहफा देकर केंद्र ने ऐतिहासिक कार्य किया है। पिछली सरकार ने कंपनी को बेचने का फैसला कर लिया था, जबकि यूपीए सरकार ने न सिर्फ इसे सहायता दी है, बल्कि कार्यादेश का भी प्रबंध कर दिया है। इधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू ने भी सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के प्रति आभार जताया है। ंं

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